Gurmeet Ram Rahim Singh Parole: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और बलात्कार के मामले में दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह को 21 दिन की पैरोल मिलने के बाद वह रोहतक की सुनारिया जेल से सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय पहुंच गया। राम रहीम बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है और इससे पहले भी उसे कई बार पैरोल मिल चुकी है। सुनारिया जेल से बाहर आने के बाद राम रहीम को मिली यह पैरोल एक बार फिर कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
Gurmeet Ram Rahim Singh Parole: राम रहीम की सिरसा वापसी के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गुरमीत राम रहीम की सिरसा वापसी को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। डेरा मुख्यालय और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ आने-जाने वाले रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी ताकि कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति पैदा न हो। राम रहीम के अनुयायियों की भारी भीड़ को देखते हुए सिरसा पुलिस ने डेरा के आसपास अतिरिक्त नाके लगाए थे।
छत्रपति हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट की नजर
इस बीच, 10 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की 2002 में हुई हत्या के मामले में राम रहीम को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई के लिए सहमति जताई। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था, जिससे सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई उसकी पिछली सजा पलट गई थी। (Gurmeet Ram Rahim Singh Parole)
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं, ने मृत पत्रकार के बेटे द्वारा दायर अपील को स्वीकार किया। पीठ ने मामले की अंतिम सुनवाई 16 नवंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान जब अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर नहीं की है, तो पीठ ने कहा कि वह इस तथ्य से भी अवगत है कि राज्य इस मामले में अपील नहीं कर सकता।
हाई कोर्ट ने सबूतों की कमी के आधार पर राम रहीम को किया था बरी
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राम रहीम की अपील स्वीकार करते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष उसके अपराध को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। अदालत ने सीबीआई के गवाहों की गवाही में सामने आई कमियों और उन पर कथित दबाव को भी अपने फैसले में ध्यान में रखा था। (Gurmeet Ram Rahim Singh Parole)
राम रहीम पर आरोप था कि उसने सिरसा के पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या की साजिश रची थी। छत्रपति ने अपने स्थानीय अखबार ‘पूरा सच’ में डेरा प्रमुख की आलोचना की थी और डेरा मुख्यालय में महिला अनुयायियों के कथित यौन शोषण से संबंधित एक गुमनाम पत्र प्रकाशित किया था। अक्टूबर 2002 में सिरसा स्थित अपने घर के बाहर छत्रपति को गोली मार दी गई थी। बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।
2019 में सीबीआई की विशेष अदालत ने राम रहीम को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उसके साथ तीन अन्य आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी दोषी ठहराया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। (Gurmeet Ram Rahim Singh Parole)











