Delhi Play School Child Abuse Case: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के मौजपुर (जाफराबाद) इलाके में एक प्राइवेट प्ले स्कूल (माकून्स प्ले स्कूल) में साढ़े तीन साल के मासूम बच्चे को घंटों कुर्सी से बांधकर रखने, बेरहमी से पीटने और प्रताड़ित करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित माता-पिता ने स्कूल प्रशासन को 1,500 रुपये देकर CCTV कैमरों का ऑनलाइन एक्सेस खरीदा और पुरानी फुटेज खंगाली।
दिल्ली पुलिस ने इस बर्बरता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक आया (अटेंडेंट) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शिक्षिका समेत चार लोगों के खिलाफ जांच जारी है।
Delhi Play School Child Abuse Case: स्कूल से लौटने पर बच्चे की बिगड़ी तबीयत
यह दिल दहला देने वाली वारदात अगस्त 2026 के बीच (16, 17 और 18 अगस्त) की है। पीड़ित पिता नवनीत चौधरी के अनुसार, उनका साढ़े तीन साल का बेटा मौजपुर के एक नामचीन प्ले स्कूल में पढ़ता था। 18 अगस्त को जब बच्चा स्कूल से घर लौटा, तो उसकी तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई। उसे लगातार उल्टियां होने लगीं और चक्कर आने लगे। जब माता-पिता उसे बाल रोग विशेषज्ञ और ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ के पास ले गए, तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के दोनों कानों के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर सूजन (Swelling) है और उसकी आंखों के पास भी चोट के निशान हैं, जिससे साफ झलकता था कि बच्चे को बेरहमी से पीटा गया है।
व्यवहार में बदलाव और रात का खौफ
इस शारीरिक प्रताड़ना का मासूम के मानसिक स्वास्थ्य पर इतना गहरा असर पड़ा कि उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह घर में अचानक डरकर अपनी मां से लिपट जाता था। वह रात को सोते समय सहमकर उठ जाता और रोने लगता था। बर्बरता का खौफ इस कदर था कि वह अकेले टॉयलेट जाने से भी कतराने लगा था।जब माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन से इस बारे में बात की, तो स्कूल ने अपनी गलती मानने के बजाय बच्चे को ही ‘हाइपरएक्टिव’ बताकर पल्ला झाड़ लिया। (Delhi Play School Child Abuse Case)
₹1500 में बिका सच: CCTV फुटेज ने खोली पोल
स्कूल प्रशासन लगातार मामले को दबाने का प्रयास कर रहा था और सीसीटीवी फुटेज दिखाने से साफ मना कर रहा था। आखिरकार, स्कूल ने माता-पिता के सामने शर्त रखी कि यदि उन्हें क्लासरूम का लाइव एक्सेस चाहिए, तो उन्हें 1,500 रुपये देने होंगे। माता-पिता ने भुगतान कर दिया। स्कूल को लगा कि वे केवल लाइव फुटेज देखेंगे, लेकिन मासूम की मां ने सूझबूझ दिखाते हुए 16, 17 और 18 अगस्त की पुरानी रिकॉर्डिंग निकाल ली।
CCTV फुटेज देखते ही माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। फुटेज में साफ दिख रहा था कि मासूम बच्चे को कई-कई घंटों तक एक कुर्सी से बांधकर रखा जाता था। बच्चा बेबस होकर रोता और छटपटाता रहा, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ का दिल नहीं पसीजा। शिक्षिका और आया ने बच्चे को बेरहमी से लातें मारीं, उसके कान पकड़े और उसे बुरी तरह घसीटा व पीटा। बच्चे के साथ शारीरिक और मानसिक क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। (Delhi Play School Child Abuse Case)
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
सीसीटीवी के रूप में पुख्ता सबूत मिलने के बाद परिवार ने जाफराबाद थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जेजे एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में कुल चार लोगों को नामजद किया है, जिनमें स्कूल डायरेक्टर, स्कूल प्रिंसिपल, टीचर (30 वर्षीय), और आया (35 वर्षीय) को शामिल किया गया है।
पुलिस ने स्कूल का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही, शिक्षा निदेशालय ने भी इस अमानवीय घटना का संज्ञान लेते हुए स्कूल के खिलाफ एक अलग जांच समिति गठित की है और स्कूल परिसर को सील करने के आदेश जारी किए गए हैं। (Delhi Play School Child Abuse Case)
प्ले स्कूलों की सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल
मौजपुर की इस घटना ने दिल्ली समेत देश के तमाम निजी प्ले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और केयर-टेकर स्टाफ के वेरिफिकेशन पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। प्ले स्कूल वो जगह होती है, जहां माता-पिता अपने कलेजे के टुकड़े को इस भरोसे के साथ छोड़ते हैं कि वहां उसे मां जैसा दुलार और सुरक्षित माहौल मिलेगा। लेकिन चंद पैसों के लालच में अंधा और संवेदनहीन हो चुका स्कूल प्रशासन किस कदर बच्चों के भविष्य और उनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है, यह इस घटना से साफ उजागर होता है। पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और स्कूल का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की मांग की है। (Delhi Play School Child Abuse Case)











