Ankit Baliyan Murder Case: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस और यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार, 31 अगस्त 2026 की सुबह शामली में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो मुख्य शूटर मारे गए। दोनों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी सुमित और मोहित के रूप में हुई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अंकित बालियान के परिवार ने राहत जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस का आभार व्यक्त किया। हालांकि, परिवार का कहना है कि यह न्याय की दिशा में सिर्फ शुरुआती कदम है। परिजनों ने फरार आरोपियों के साथ-साथ हत्या की पूरी साजिश के पीछे मौजूद कथित मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाने की मांग की है।
Ankit Baliyan Murder Case: जिम के बाहर अंकित पर बरसाई गईं गोलियां
अंकित बालियान की हत्या 26 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:45 बजे शामली के कोतवाली क्षेत्र स्थित मोहल्ला नाला पटरी में हुई थी। 32 वर्षीय अंकित जिम में वर्कआउट करने के बाद बाहर निकले थे। जैसे ही वह अपनी स्कॉर्पियो कार के पास पहुंचे, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया गया कि हमलावरों ने करीब 18 से 20 राउंड गोलियां चलाईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अंकित को पांच गोलियां लगी थीं, जिनमें दो सिर में और अन्य पेट में लगीं। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसके बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और अंकित के समर्थकों ने दिल्ली-मुजफ्फरनगर हाईवे पर जाम लगाकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। (Ankit Baliyan Murder Case)
गोगी गैंग से जुड़ा नाम सामने आने के बाद बढ़ा मामला
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें कथित तौर पर गोगी गैंग से जुड़े भोलू शाहपुरिया ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे कथित गैंगवार और पुरानी रंजिश की बात सामने आई। बताया गया कि अंकित ने रोहिणी कोर्ट में मारे गए गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या की थीम पर आधारित एक गाना गाया था। इसी को लेकर उनके खिलाफ रंजिश पैदा होने की बात कही जा रही है। हालांकि, हत्या की पूरी वजह और साजिश में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
शामली औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
अंकित की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। यूपी एसटीएफ और शामली पुलिस की कई टीमें सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर संदिग्धों का पता लगाने में जुटी थीं। 31 अगस्त की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे कुछ शूटर शामली के औद्योगिक क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। पुलिस टीम ने बिना नंबर की बाइक पर सवार संदिग्धों को रोकने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान बदमाशों ने टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई। (Ankit Baliyan Murder Case)
मुठभेड़ में गोली लगने से सुमित और मोहित गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में दोनों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिवार ने कहा- ‘कार्रवाई का स्वागत, लेकिन न्याय अभी बाकी’
एनकाउंटर की सूचना मिलने के बाद अंकित के पैतृक गांव बंटीखेड़ा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया, लेकिन साफ किया कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। अंकित के पिता और सेना के सेवानिवृत्त फौजी सतबीर बालियान ने पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि दो शूटरों के मारे जाने से उन्हें संतोष मिला है, लेकिन पूरी साजिश का खुलासा और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। उन्होंने मांग की कि हत्या में शामिल सभी लोगों और कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि जब तक पूरी साजिश का पर्दाफाश नहीं होता, तब तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा। (Ankit Baliyan Murder Case)
परिवार ने सरकारी नौकरी और स्मारक की मांग की
अंकित की मां अमरेश और पत्नी स्वाति ने भी पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया, लेकिन परिवार के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की। परिजनों के मुताबिक, अंकित ही परिवार की आय का मुख्य सहारा थे। अंकित की बहन रीना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से परिवार की मदद की अपील की है। उन्होंने परिवार के दूसरे बेटे को सरकारी नौकरी देने के साथ गांव में अंकित की याद में स्टेडियम या प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी है। इससे पहले अंकित की पत्नी ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। ऐसे में दो आरोपियों के एनकाउंटर के बाद परिवार को पुलिस कार्रवाई से कुछ राहत जरूर मिली है।
चार शूटरों के साथ दो मददगारों की भूमिका सामने आई
पुलिस की अब तक की जांच में कुल छह लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। इनमें चार कथित मुख्य शूटर और दो रेकी करने वाले मददगार शामिल बताए गए हैं। दो शूटरों के मारे जाने के बाद अब पुलिस की नजर फरार आरोपियों पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी एसटीएफ आर्यन और सत्यम नाम के दो अन्य संदिग्धों की तलाश में हरियाणा और दिल्ली के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या की पूरी साजिश का खुलासा करना और फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना है। परिवार भी लगातार मांग कर रहा है कि केवल शूटरों तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि इस हत्याकांड के पीछे मौजूद सभी लोगों को कानून के कटघरे में लाया जाए। (Ankit Baliyan Murder Case)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिए जाने की बात कही गई है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने पर इस हत्याकांड में कौन-कौन से नए नाम सामने आते हैं और कथित मास्टरमाइंड तक पुलिस कब पहुंचती है।










