Delhi Play School Child Abuse Case: दिल्ली सरकार ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित मकुन्स किड्स अनप्लग्ड प्ले स्कूल को पूरी तरह सील कर दिया है। यह कार्रवाई स्कूल परिसर में तीन साल के बच्चे के साथ कथित शारीरिक और यौन उत्पीड़न के मामले के बाद की गई। यमुना विहार के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के औचक निरीक्षण में स्कूल में कई गंभीर सुरक्षा और नियमों से जुड़ी खामियां सामने आईं।
जांच में पाया गया कि स्कूल के पास दिल्ली फायर सर्विस (DFS) का वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं था। इसके अलावा, आपात स्थिति में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जरूरी इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी नहीं थी। सरकार ने इन खामियों को बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद की गई। मामला सामने आने के बाद सरकार ने संबंधित अधिकारियों को स्कूल का तत्काल निरीक्षण करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
Delhi Play School Child Abuse Case: CCTV फुटेज से सामने आया कथित दुर्व्यवहार
मौजपुर स्थित इस डे-केयर और प्ले स्कूल में तीन वर्षीय बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट, बांधने और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार द्वारा स्कूल प्रशासन से पूछताछ किए जाने के बाद कथित तौर पर ₹1,500 लेकर CCTV फुटेज देखने की अनुमति दी गई। फुटेज में बच्चे के साथ हुई कथित घटना सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर स्कूल के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को जब्त कर लिया है। मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
औचक निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां
घटना की जानकारी सरकार तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को स्कूल का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। SDM के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान स्कूल परिसर में कई ऐसे उल्लंघन पाए गए, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर हैं। जांच के मुताबिक, स्कूल के पास दिल्ली फायर सर्विस से मान्यता प्राप्त वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं था। इतना ही नहीं, आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए बनाए गए रास्ते और सीढ़ियां भी कथित तौर पर अवरुद्ध थीं। (Delhi Play School Child Abuse Case)
परिसर में केवल एक फायर एक्स्टिंग्विशर मिला, जो खराब हालत में था। इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बताया गया कि स्कूल के बेसमेंट में पर्याप्त वेंटिलेशन के बिना छोटे बच्चों की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं।
आवासीय इमारत में चल रही थी व्यावसायिक गतिविधि
निरीक्षण के दौरान स्कूल के संचालन को लेकर भी कई सवाल सामने आए। अधिकारियों के अनुसार, स्कूल एक आवासीय संपत्ति में व्यावसायिक गतिविधि के तौर पर संचालित हो रहा था और इसके लिए आवश्यक स्वीकृत बिल्डिंग प्लान या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराया गया। स्कूल की पहली मंजिल पर एक रसोई भी संचालित होती मिली। इसमें व्यावसायिक उपयोग के बजाय घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के इस्तेमाल की बात सामने आई। परिसर में बिना आवश्यक अनुमति के बोरवेल स्थापित किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई। (Delhi Play School Child Abuse Case)
दस्तावेज नहीं दिखा सका स्कूल प्रबंधन
निरीक्षण के दौरान स्कूल के निदेशक और प्रबंधन से भवन, अग्नि सुरक्षा तथा अन्य जरूरी अनुमतियों से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। अधिकारियों के मुताबिक, प्रबंधन इनसे जुड़े संतोषजनक दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली इन खामियों के मद्देनजर स्कूल को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सील कर दिया गया। कार्रवाई में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 और दिल्ली फायर सर्विस एक्ट, 2007 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि बच्चों के साथ किसी भी तरह का अमानवीय व्यवहार और सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, शिक्षा निदेशालय (DoE) ने भी मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की है। (Delhi Play School Child Abuse Case)
प्ले स्कूलों और डे-केयर सेंटरों की निगरानी पर उठे सवाल
मौजपुर की घटना ने दिल्ली-एनसीआर में संचालित प्ले स्कूलों और डे-केयर सेंटरों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कामकाजी माता-पिता अक्सर अपने बच्चों की देखभाल के लिए इन संस्थानों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में इन जगहों पर बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन होना बेहद जरूरी है। बिना पर्याप्त वेंटिलेशन के बेसमेंट में बच्चों की कक्षाएं चलाना, इमरजेंसी एग्जिट को अवरुद्ध रखना और खराब अग्निशमन उपकरण जैसी खामियां किसी भी आपात स्थिति में बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
मौजपुर के इस मामले में हुई त्वरित कार्रवाई से संकेत मिलता है कि दिल्ली में अन्य प्ले स्कूलों और निजी शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की भी जांच की जा सकती है। आने वाले दिनों में ऐसे संस्थानों के खिलाफ नियमों के पालन को लेकर व्यापक निरीक्षण अभियान चलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। (Delhi Play School Child Abuse Case)











