CJP Parliament March: 20 जुलाई 2026 को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन में करीब साढ़े तीन घंटे लंबी अहम बैठक हुई। यह बैठक CJP के ‘चलो संसद’ मार्च और नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के कारण बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच बुलाई गई थी, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही हैं।
CJP Parliament March: शाह-प्रधान की लंबी बैठक के बीच इस्तीफे की अटकलें
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के हजारों प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा में गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांगों को लेकर संसद भवन की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। अमित शाह के साथ हुई इस लंबी मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रधान के इस्तीफे को लेकर अफवाहें तेज हो गई हैं, हालांकि अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
लाठीचार्ज, आंसू गैस और संसद में गतिरोध
वहीं, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और संसद के आसपास लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरक्षा के लिहाज से कुछ मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करना पड़ा। इसी बीच, अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने संदेश दिया है कि यदि सरकार विफलताओं की जिम्मेदारी ले और संसद में इन मांगों पर चर्चा का भरोसा दे, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। (CJP Parliament March)
विपक्ष के हंगामे से ठप रहा सदन
दिल्ली की सड़कों पर चल रहे इस तनाव का असर संसद के अंदर भी देखा गया। NEET पेपर लीक और CJP प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में भारी नारेबाजी की, जिसके कारण पहले ही दिन बिना किसी विशेष कामकाज के संसद स्थगित करनी पड़ी। इस तनाव के बीच बातचीत का रास्ता भी खुला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के एक प्रतिनिधिमंडल सौरभ दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की और उनका लिखित मांग पत्र स्वीकार कर उनसे धरना समाप्त करने का अनुरोध किया है। (CJP Parliament March)
पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
इसके अलावा, सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान विभिन्न स्थानों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और झड़पों के संबंध में 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा के लिए तैनात अर्धसैनिक बलों के सदस्यों सहित 50 से अधिक कर्मी घायल हो गए। पुलिस फिलहाल विभिन्न स्थानों से सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन वीडियो की जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा सके और घटनाक्रम का पता लगाया जा सके। (CJP Parliament March)











