Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र 2026 के पहले दिन (20 जुलाई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक मौसम और विधायी उत्पादकता के बीच एक सार्थक तुलना प्रस्तुत करते हुए कहा कि जैसे मानसून देश में समृद्धि लाता है, वैसे ही यह सत्र भी राष्ट्र कल्याण के लिए फलदायी होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने बीते महीनों में हासिल की गई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के नवोन्मेषकों और स्काईरूट जैसी युवा टीमों की सराहना की, जिनकी औसत आयु बहुत कम है। उन्होंने कहा कि युवाओं के ये प्रयास अंतरिक्ष में भारत का परचम लहरा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान में नई तेल रिफाइनरी के संचालन, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट और दुनिया की सबसे शक्तिशाली हरित हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ का उल्लेख किया।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट और पेट्रोल-डीजल के वैश्विक दबाव के बावजूद भारत 7.7 प्रतिशत की प्रभावशाली विकास दर से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी अनुभवी और नए सांसदों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शांत मन, ठोस तथ्यों और तर्कों के साथ रचनात्मक बहस करने का आह्वान किया।
NEET पेपर लीक और राम मंदिर विवाद पर विपक्ष का तीखा हमला
Monsoon Session 2026: सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की अपनी रणनीति के तहत दोनों सदनों में जोरदार प्रदर्शन किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा उठाया और जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे छात्रों तथा उन पर हुए कथित पुलिस एक्शन पर सरकार से जवाब मांगा।
वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में हुई कथित वित्तीय धांधली का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी सांसदों ने स्थगन प्रस्ताव के नोटिस देकर इन मुद्दों पर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति द्वारा बार-बार शांति बनाए रखने की अपील बेअसर रही, जिसके बाद सदनों की कार्यवाही को कई बार रोकना पड़ा और अंततः पहले दिन का काम कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सरकार का विधायी एजेंडा और सत्र की रूपरेखा
Monsoon Session 2026: यह मानसून सत्र 13 अगस्त 2026 तक संचालित होना तय हुआ है, जिसमें कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी असर वाले विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है।
प्रमुख विधेयकों में शामिल हैं:
- आयकर संशोधन विधेयक: कर व्यवस्था को अधिक सरल और सुगम बनाने का प्रस्ताव।
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक: इसके तहत राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने या उसमें बाधा डालने को कड़े अपराध के दायरे में लाने का प्रावधान है।
- सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक: शीर्ष अदालत में लंबित मामलों के निपटारे के लिए न्यायाधीशों की क्षमता से जुड़ा प्रस्ताव।
दूसरी तरफ, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक के जिम्मेदार बड़े अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई की मांग की है। वहीं अन्य विपक्षी दल परिसीमन, दल-बदल विरोधी कानून के नए नियमों और महिला आरक्षण लागू करने की समयसीमा पर सरकार से जवाब मांगने पर अड़े हैं।






