CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की है और अपनी मांगों को लेकर एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। यह मुलाकात दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे ‘संसद मार्च’ और विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई, जब सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए संपर्क किया।
CJP की ओर से मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जेपी नड्डा के आवास पर उनसे करीब 10 मिनट तक मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वे इन मांगों को लेकर सरकार और भाजपा नेतृत्व के साथ आंतरिक स्तर पर चर्चा करेंगे।

CJP Protest: CJP ने सरकार के सामने रखीं तीन मांगें
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की गई है।
- सोनम वांगचुक की रिहाई: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तुरंत अस्पताल/हिरासत से रिहा करने की मांग शामिल है।
- मुआवजे की मांग: पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने कहा कि हमने अपना ज्ञापन भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा को दिया। उन्होंने हमारी बात को सहानुभूति पूर्वक सुना और पूरी वार्ता बहुत ही सौरहदपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। हमें विश्वास है कि सरकार हमारी मांगों पर विचार करेगी। हम अपने स्थान पर वापस पहुंचकर सभी समर्थकों से अनुरोध करेंगे की वे शांति बनाए रखें। (CJP Protest)

CJP के ‘चलो संसद’ मार्च में पुलिस लाठीचार्ज, जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू
इसी बीच, संसद सत्र के दौरान सुरक्षा का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने मनीकंट्रोल के अनुसार नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा (Section 143/163) लागू कर जंतर-मंतर को खाली करा लिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई की गई।
NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के आह्वान पर हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे थे। जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की तरफ बढ़ने के लिए सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, तो दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई। (CJP Protest)
CJP के संसद मार्च पर पुलिस एक्शन, कई मेट्रो स्टेशन भी हुए बंद
भीड़ को नियंत्रित करने और पीछे धकेलने के लिए सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं और कुछ को एहतियातन हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में भेजा गया है। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू कर दी है। जंतर-मंतर के आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल और CRPF तैनात है, तथा इंटरनेट सेवाओं को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो ने केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक और सेवा तीर्थ जैसे प्रमुख स्टेशनों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया था, जिन्हें बाद में धीरे-धीरे खोला गया। संसद की ओर जाने वाली कई सड़कों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इस तनाव के बीच CJP के प्रमुख अभिजीत दिपके का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वे पुलिस से प्रदर्शनकारियों के लिए टेंट लगाने की गुहार लगा रहे थे। (CJP Protest)











