Sourav Ganguly: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को आज यानी उनके 54वें जन्मदिन के खास मौके पर ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। ‘दादा’ के नाम से मशहूर गांगुली ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे अपने लिए एक ‘बहुत बड़ा सम्मान’ बताया है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण सम्मान के लिए सोशल मीडिया पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और इसके चेयरमैन जय शाह का आभार व्यक्त किया है। यह सम्मान पाने वाले वह भारत के 12वें क्रिकेटर बन गए हैं।
सौरव गांगुली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “मुझे हॉल ऑफ फेम में शामिल करने के लिए ICC और चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद। यह एक बहुत बड़ा सम्मान है। इतिहास में इस सूची में शामिल होने वाले चुनिंदा भारतीयों में से एक बनना और खेल के महान दिग्गजों का हिस्सा होना अद्भुत है।”
Sourav Ganguly: हॉल ऑफ फेम में शामिल सभी 12 भारतीय दिग्गजों की सूची
| खिलाड़ी का नाम | शामिल होने का वर्ष |
| बिशन सिंह बेदी | 2009 |
| कपिल देव | 2009 |
| सुनील गावस्कर | 2009 |
| अनिल कुंबले | 2015 |
| राहुल द्रविड़ | 2018 |
| सचिन तेंदुलकर | 2019 |
| वीनू मांकड़ | 2021 |
| वीरेंद्र सहवाग | 2023 |
| डायना एडुल्जी (महिला क्रिकेटर) | 2023 |
| नीतू डेविड (महिला क्रिकेटर) | 2024 |
| महेंद्र सिंह धोनी | 2025 |
| सौरव गांगुली | 2026 |
‘दादा’ का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर
आईसीसी हॉल ऑफ फेम की शुरुआत जनवरी 2009 में आईसीसी के शताब्दी समारोह के हिस्से के रूप में की गई थी और तब से यह खेल को सुशोभित करने वाले महानतम खिलाड़ियों को सम्मानित करता आ रहा है।गांगुली (Sourav Ganguly) ने भारतीय क्रिकेट के सबसे उथल-पुथल भरे दौर में कप्तानी संभाली। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने टीम की मानसिकता को बदल दिया, उनमें आक्रामकता, आत्मविश्वास और विदेशों में प्रतिस्पर्धा करने का हौसला पैदा किया।
कवर क्षेत्र में अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए “ऑफसाइड के भगवान” के रूप में जाने जाने वाले गांगुली (Sourav Ganguly) ने 424 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 38 शतकों और 107 अर्धशतकों सहित 18,575 रन बनाए। उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 311 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 11,363 रन बनाए, जिससे वे सभी प्रारूपों में भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक बन गए।
कप्तान के रूप में, गांगुली ने 196 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का नेतृत्व किया, जिनमें से 97 में जीत हासिल की। उनके कार्यकाल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां शामिल हैं, जिनमें स्टीव वॉ की सर्वविजयी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की प्रसिद्ध बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीत, 2004 में पाकिस्तान में भारत की पहली टेस्ट श्रृंखला जीत और 2000 आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी और 2003 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में उपस्थिति शामिल है।
भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में आकार देने वाले क्रिकेटरों की एक पीढ़ी को पोषित करने में उनकी भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण थी। गांगुली (Sourav Ganguly) ने एमएस धोनी, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान, इरफान पठान, गौतम गंभीर और खुद सहवाग जैसे युवा प्रतिभाओं पर भरोसा जताया, जिनमें से कई आगे चलकर मैच विजेता बने और भारत के आईसीसी खिताब जीतने के अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।






