Sanjay Raut on Temple Donation Theft: शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला करते हुए मंदिर प्रशासन में व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने हाल ही में मीडिया से बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चल रहे घोटाले कोई छिटपुट घटनाएं नहीं हैं, बल्कि यह पूरी मंदिर व्यवस्था में फैले हुए हैं।
Sanjay Raut on Temple Donation Theft: BKTC और चंदे के मामलों पर संजय राउत का बड़ा हमला
राउत ने आरोप लगाया कि देश के जिन भी प्रमुख मंदिरों पर भाजपा का प्रभाव या नियंत्रण है, वहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और लूट चल रही है। बद्रीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से जुड़े हालिया भ्रष्टाचार के मामलों के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राउत ने जोर देकर कहा, “यह अब सिर्फ एक मंदिर तक सीमित नहीं है। बद्रीनाथ से लेकर सोमनाथ और अयोध्या तक, जहां भी भाजपा का दबदबा है, अनियमितताएं देखी जा सकती हैं।”
राउत ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भी निशाना साधा और वहां की प्रशासनिक संस्कृति तथा अन्य मंदिर निकायों से जुड़े विवादों के बीच समानता बताई। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पर तीखा प्रहार करते हुए राउत ने टिप्पणी की, “राम मंदिर ट्रस्ट में हर कोई ‘चंपत राय’ है।” (Sanjay Raut on Temple Donation Theft)
‘भगवान राम किसी एक दल की संपत्ति नहीं’— VHP, RSS और BJP पर राउत का निशाना
वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के अलावा, राउत ने विश्व हिंदू परिषद (VHP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए भगवान राम के प्रति धार्मिक आस्था पर एकाधिकार करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया, “विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस और भाजपा सोचते हैं कि वे ही एकमात्र राम भक्त हैं। भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं। क्या हम राम भक्त नहीं हैं? अखिलेश यादव, मायावती और ममता बनर्जी, क्या वे राम भक्त नहीं हैं?”
बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी केस में FIR
यह घटना बद्रीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के कार्यालय में निजी सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मंदिर में चढ़ावे की अवैध हेराफेरी के आरोपों के बाद आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के बाद सामने आई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और 316 (5) के तहत बद्रीनाथ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। बीकेटीसी द्वारा दायर शिकायत में नौटियाल पर व्यक्तिगत लाभ के लिए मंदिर के धन का गैरकानूनी रूप से दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था। (Sanjay Raut on Temple Donation Theft)
ये आरोप 2 जुलाई को थाली भेंट (दान पात्र) से चढ़ावे की गिनती के दौरान हुई एक घटना से संबंधित हैं। समिति की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच 30 मिनट की अवधि में मंदिर के दान गिनती केंद्र से चुपके से धन निकाला गया था। जिसके चलते बीकेटीसी ने औपचारिक कानूनी कार्रवाई करने से पहले नौटियाल को उनके पद से निलंबित कर दिया। अधिकारी अब मंदिर की दान प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घटना से संबंधित परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।
राम मंदिर चंदा मामले में भी पुलिस कार्रवाई
दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने जेल में बंद आरोपी अनुकल्प मिश्रा के चाचा और इनायतनगर बाजार के एक जौहरी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा के चाचा रामेंद्र मिश्रा और जौहरी से मंदिर के दान के कथित दुरुपयोग की चल रही जांच के तहत पूछताछ की गई। (Sanjay Raut on Temple Donation Theft)
इससे पहले दिन में, राम मंदिर के चंदे में कथित गबन के मामले में एक स्थानीय अदालत द्वारा एक दिन की पुलिस हिरासत दिए जाने के बाद, पुलिस की एक टीम तीन आरोपियों को अयोध्या जिला जेल से हिरासत में पूछताछ के लिए ले गई। राम मंदिर में प्राप्त दान के कथित दुरुपयोग की चल रही जांच के तहत आरोपी लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडे को जिला जेल से अयोध्या पुलिस लाइंस ले जाया गया।










