Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चंदा चोरी विवाद के बाद एक बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय फेरबदल किया गया है। बैंक खातों के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अब तीन लोगों की एक संयुक्त टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले खातों के संचालन की मुख्य जिम्मेदारी डॉ. अनिल मिश्रा के पास थी, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत बैंक खातों का संचालन संयुक्त रूप से तीन लोग संभालेंगे।
Ram Mandir Donation Row: बैंक खातों की जिम्मेदारी अब तीन सदस्यीय टीम के पास
अब किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए ट्रस्ट के नए अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, जगदीश आफले और चंदन राय इन तीनों के हस्ताक्षरों की आवश्यकता होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद जुलाई 2026 में हुई इस अहम बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद नई वित्तीय व्यवस्था लागू
चंपत राय (पूर्व महासचिव) और डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है। सेवानिवृत्त आईएफएस (IFoS) अधिकारी और वरिष्ठ आरएसएस पदाधिकारी कृष्ण मोहन को नया अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। (Ram Mandir Donation Row)
1,876.30 करोड़ की संपत्ति का ब्यौरा जारी
इसके अलावा, ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके चयन के लिए जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में 3-सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। विवाद के बीच ट्रस्ट ने अपना वित्तीय ब्यौरा जारी किया।
अनऑडिटेड आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास 1876.30 करोड़ रुपये बैंक खातों और एफडी (SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा) में सुरक्षित हैं। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य चढ़ावे की गिनती, लेखा-जोखा और पूरे वित्तीय प्रबंधन को पेशेवर और फूलप्रूफ बनाना है। (Ram Mandir Donation Row)











