West Bengal TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को पार्टी के बागी नेताओं पर तीखा हमला करते हुए उन्हें सीधे भाजपा में शामिल होने की चुनौती दी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा की जीत और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही टीएमसी गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रही है। पार्टी में आए इस भूचाल के बीच ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए बागी गुट को कड़ा संदेश दिया।
ममता बनर्जी ने शनिवार को चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट की आलोचना करते हुए कहा कि बागियों ने उसी पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, जिसने उन्हें राजनीतिक पहचान दी थी। ममता बनर्जी का यह बयान टीएमसी की वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद आया।
West Bengal TMC Crisis: टीएमसी में सियासी भूचाल के बीच ममता का बड़ा संदेश
एक वीडियो संदेश में टीएमसी सुप्रीमो ने कहा, ‘जो लोग तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे और मेरे हस्ताक्षर वाले पार्टी चिन्ह पर चुनाव जीते, वे अब दावा कर रहे हैं कि पार्टी 2023 से अस्तित्व में नहीं है। आपने पार्टी चिन्ह पर चुनाव तभी लड़ा, जब मैंने आपकी उम्मीदवारी को मंजूरी दी और उस पर हस्ताक्षर किए। तभी चुनाव आयोग ने आपका नामांकन स्वीकार किया। विश्वासघात की भी एक सीमा होती है।’
‘क्या मैं मर चुकी हूं?’ ममता का बागी गुट पर तीखा हमला,
पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी के बागी गुट को भाजपा में शामिल होने का साहस दिखाने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा, ‘आपने उस पार्टी के साथ विश्वासघात किया, जिसने आपको राजनीतिक पहचान दी। अब आप खुलेआम भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। अगर हिम्मत है तो जाइए और औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो जाइए। आपको क्या लगता है? क्या मैं मर चुकी हूँ? हम जानते हैं कि आपको पार्टी का चिन्ह मिलने की संभावना बहुत कम है। जब मैं यह चिन्ह लेकर जनता के बीच जाऊंगी, तो क्या आप मेरी आवाज दबा पाएंगे?’ (West Bengal TMC Crisis)
‘मां, मति, मानुष ही मेरा परिवार’, भावुक अंदाज में ममता ने बागियों को घेरा
टीएमसी सुप्रीमो ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ सरकार की इस बात पर भी कड़ी आलोचना की कि वह दोपहर के भोजन में अंडे नहीं दे रही है। उन्होंने आगे कहा, ‘बच्चों को दोपहर के भोजन में अंडे नहीं मिल रहे हैं, फिर भी आप अंडे फेंक रहे हैं। हम 15 साल सत्ता में रहे, लेकिन हमने कभी भी पुलिस का इस्तेमाल ऐसे कृत्यों को अंजाम देने के लिए नहीं किया।’
उन्होंने कहा, ‘आप इंस्पेक्टर-इन-चार्ज और ऑफिसर-इन-चार्ज से ब्लॉक अध्यक्षों का काम करवा रहे हैं। मैं उन लोगों को दोष नहीं देती, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है। उनके परिवार, संपत्ति और जिम्मेदारियां हैं। लेकिन याद रखिए, मेरा भी एक परिवार है। मां, मति, मानुष का तृणमूल कांग्रेस परिवार मेरा परिवार है।’ (West Bengal TMC Crisis)
ममता बनर्जी की ये टिप्पणियां पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रहे हाई वोल्टेज ड्रामा के समय आई हैं, क्योंकि कोलकाता में टीएमसी के राज्य पार्टी कार्यालय के संपत्ति मालिक ने परिसर को अंदर से बंद कर दिया है, ऐसी खबरों के बाद कि विद्रोही गुट ने इमारत पर कब्जा कर लिया है।
तृणमूल भवन विवाद पर गरजीं ममता, बोलीं- कोई जबरन कब्जा नहीं कर सकता
संपत्ति संबंधी मुद्दों पर बोलते हुए, टीएमसी सुप्रीमो ने आगे कहा कि कोई भी जबरन तृणमूल भवन पर कब्जा नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा, ‘कल तृणमूल भवन पर कब्जा करने वालों ने दावा किया कि किराया नहीं चुकाया गया था। मैं स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि यह परिसर अक्टूबर 2027 तक किराए पर लिया गया था। कोई यह नहीं कह रहा है कि मैंने समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
यह संस्था की संपत्ति है, किसी व्यक्ति विशेष की नहीं। यह मां, मति, मानुष की है। कोई भी इस पर जबरदस्ती कब्जा नहीं कर सकता। हमारे पास दस्तावेज हैं। हम हर महीने 1 लाख रुपये किराया देते हैं। आज आप केंद्रीय बलों की मदद से किसी इमारत पर कब्जा कर सकते हैं, लेकिन इस तरह लोगों का दिल नहीं जीत सकते।’ (West Bengal TMC Crisis)
चंद्रिमा के इस्तीफे के बाद टीएमसी में हलचल, ममता ने खुद संभाली राज्य इकाई की कमान
इस बीच, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उन टिप्पणियों को, जिनमें उन्होंने उन पर तृणमूल भवन को ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट को सौंपने का आरोप लगाया था, पार्टी से उनके इस्तीफे का कारण बताया। ममता बनर्जी की टीएमसी से इस्तीफा देने के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बताया कि पार्टी सुप्रीमो की टिप्पणियों से उन्हें आहत किया गया था।
भट्टाचार्य ने कहा, “आपने कल जो हुआ देखा। तृणमूल भवन में एक घटना घटी। उसके बाद ममता जी ने मुझे फोन पर बताया। उन्होंने मुझसे कहा, ‘आपने तृणमूल भवन उन्हें सौंप दिया।’ इससे मुझे बहुत दुख हुआ। ऐसा कहने की कोई जरूरत नहीं थी।” वहीं, चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी ने खुद टीएमसी के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष का दायित्व संभाल लिया है। साथ ही उन्होंने कुणाल घोष और मदन मित्रा को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया है। (West Bengal TMC Crisis)










