UP PCS officer Seema Choudhary: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में तैनात जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी खुद गंभीर कानूनी संकट में फंस गई हैं। चौधरी के खिलाफ उनकी सगी मां मुनेश रानी की शिकायत पर सहारनपुर के सरसावा थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया है। क्योंकि उनकी अपनी मां ने उन पर कथित धोखाधड़ी और जालसाजी का आपराधिक मामला दर्ज कराया है।
UP PCS officer Seema Choudhary: काली कमाई छिपाने का आरोप
मां का आरोप है कि सीमा चौधरी ने उनकी जानकारी के बिना गाजियाबाद स्थित ICICI बैंक के खाते में ₹15 लाख की अपनी कथित अवैध कमाई जमा कराई थी। इस खाते का संचालन वह खुद ईमेल के जरिए करती थीं।आरोप है कि सीमा चौधरी एक भूमाफिया गिरोह के साथ मिलकर अपनी मां की संपत्ति पर कब्जा करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने मां के फर्जी हस्ताक्षर कर संपत्ति से जुड़े जाली दस्तावेज और कूट रचित रसीदें तैयार कीं।
शिकायतकर्ता मां के अनुसार, जब उन्होंने इस वित्तीय हेरफेर और जालसाजी का विरोध किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस लगातार दबाव के कारण उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी। मां की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, सरसावा पुलिस ने डीएसओ सीमा चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। (UP PCS officer Seema Choudhary)
DIG जांच के बाद DSO समेत 5 पर FIR
DIG सहारनपुर के आदेश पर हुई प्रारंभिक जांच में रसीदें फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने 30 जून को मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने सीमा चौधरी सहित 5 नामजद आरोपियों (संजीव कुमार, गंभीर, राजेंद्र राणा और नरेश कुमार) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। जमीन से जुड़े दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच और बैंक खातों के लेन-देन की विस्तृत छानबीन की जा रही है।
अधिकारी का पक्ष
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2017 बैच की पीसीएस अधिकारी डॉ. सीमा चौधरी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है। उनका कहना है कि उनकी मां के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और उन्हें इस मुकदमे की आधिकारिक जानकारी नहीं है। सहारनपुर पुलिस फिलहाल बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और जमीन के दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। (UP PCS officer Seema Choudhary)











