Twisha Sharma Death Case: दिल्ली एम्स (AIIMS) के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि की है कि मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या (फांसी लगाने) के कारण हुई थी और उनके शरीर पर शारीरिक हमले या संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित एम्स के मेडिकल बोर्ड ने 11 पन्नों की यह अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सीलबंद लिफाफे में सौंपी थी।
Twisha Sharma Death Case: जिमनास्टिक बेल्ट पर मिले ट्विशा के स्किन टिश्यू
रिपोर्ट के अनुसार, ट्विशा के शरीर पर मेडिको-लीगल (कानूनी और चिकित्सीय) नजरिए से ऐसा कोई घाव या चोट नहीं पायी गई जो किसी भी प्रकार के शारीरिक हमले या हाथापाई की ओर इशारा करती हो। फोरेंसिक जांच में फंदे के रूप में इस्तेमाल की गई धातु की रिंग वाली ‘जिमनास्टिक बेल्ट’ पर ट्विशा के स्किन टिश्यू मिले हैं, जिससे फंदे से जुड़े असमंजस को पूरी तरह साफ कर दिया गया है।
एम्स ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत को आत्महत्या माना
एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के मुताबिक, टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट ने हत्या की आशंका को खारिज करते हुए इसे आत्महत्या माना है, लेकिन सीबीआई ने इस मामले में ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह (सेवानिवृत्त जिला जज) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामले में CBI ने कोर्ट में 636 पेज की चार्जशीट पेश कर दी है। इसमें दोनों आरोपियों रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाया गया है। (Twisha Sharma Death Case)
CBI ने पति-सास पर दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया
सीबीआई ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज हत्या), धारा 85 (क्रूरता), धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है।सीबीआई की जांच और ट्विशा के परिवार (मेजर भाई और मां) के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों पर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के जरिए आत्महत्या के लिए उकसाने (भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम के तहत) का मामला दर्ज किया गया है।
12 मई की रात ससुराल में मृत मिली थीं ट्विशा शर्मा
बता दें, ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। ट्विशा के परिवार ने शुरू से ही ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। परिजनों की मांग पर ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिल्ली एम्स से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने और जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। (Twisha Sharma Death Case)










