Akhilesh Yadav Yogi Adityanath Tonti Row 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीखे तीर चले हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘टोंटी’ वाले तंज पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बेहद आक्रामक पलटवार किया है। अखिलेश ने सीएम योगी को “करप्ट माउथ” (Corrupt Mouth) बताते हुए उनके अतीत, परिवारवाद और मठ के उत्तराधिकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।Akhilesh Yadav Yogi Adityanath Tonti Row 2026
विवाद की शुरुआत: सीएम योगी का ‘टोंटी’ वाला तंज
यह पूरा विवाद विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के एक कार्यक्रम से शुरू हुआ। दरअसल, मंच से संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बिना नाम लिए सपा प्रमुख पर निशाना साधा था।
- सीएम का बयान: उन्होंने कहा, “हम हर घर नल योजना को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन कोई टोंटी (टोटी) चोरी कर ले रहा है।”
- माफियाओं पर वार: उन्होंने जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया और खनन माफिया से सजग रहने की अपील की।
- सियासी चुटकी: बयान देते समय मुख्यमंत्री मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे। परिणामस्वरूप, राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे सीधे अखिलेश यादव पर लगे पुराने आरोपों से जोड़ दियाAkhilesh Yadav Yogi Adityanath Tonti Row 2026。
अखिलेश का पलटवार: सीएम योगी को बताया ‘डग्गामार’ बस संचालक
सीएम योगी के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद अखिलेश यादव ने अपने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट लिखकर पलटवार किया। यही नहीं, उन्होंने सीएम के अतीत का जिक्र करते हुए उन पर तीखा तंज कसा।
- भाषाई अभद्रता का आरोप: अखिलेश ने लिखा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1994 के आसपास अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) तीन बसें और एक ट्रक का पारिवारिक परिवहन व्यवसाय संभाल रहे थे।
- डग्गामार कनेक्शन: सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि संभवतः सीएम ने यह अभद्र भाषा उसी दौर में डग्गामार वाहन चलवाते समय सीखी है।
- मनोविज्ञान का हवाला: उन्होंने कहा कि बचपन और किशोरावस्था के अनुभव व्यक्ति के व्यवहार पर गहरी छाप छोड़ते हैं, जो सार्वजनिक जीवन में भी झलकते हैं।Akhilesh Yadav Yogi Adityanath Tonti Row 2026
मठ के उत्तराधिकार पर उठाए सवाल: पूछा- क्या यह परिवारवाद नहीं?
अखिलेश यादव सिर्फ यहीं नहीं रुके। इसके बाद, उन्होंने गोरक्षपीठ के उत्तराधिकार को लेकर सीधे ‘पक्षपाती परिवारवाद’ का मुद्दा उठा दिया।
- रिश्तेदारी का दावा: अखिलेश ने कहा कि अजय सिंह बिष्ट के पिता आनंद सिंह बिष्ट और मठ के पूर्व महंत अवैद्यनाथ जी रिश्ते में भाई थे।
- योग्यता पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि डग्गामार वाहन चलवाने वाला व्यक्ति महज 4 वर्षों में इतना योग्य कैसे हो गया कि उसे उत्तराधिकारी बना दिया गया?
- औपचारिक प्रक्रिया: सपा प्रमुख ने पूछा कि क्या मठ का महंत चुनने के लिए कोई औपचारिक चुनाव प्रक्रिया हुई थी या यह सिर्फ रिश्तेदारी का प्रभाव था?
अंततः, अखिलेश ने लिखा कि पद और परिधान तो समय की मदद से मिल सकते हैं, लेकिन भाषा और व्यवहार नहीं बदला जा सकता।Akhilesh Yadav Yogi Adityanath Tonti Row 2026
गरमाई उत्तर प्रदेश की राजनीति
इस बयानबाजी ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक नया भूचाल ला दिया है। यही वजह है कि दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल, जहाँ बीजेपी इसे अखिलेश की हताशा बता रही है, वहीं सपा इसे मुख्यमंत्री के तंज का करारा जवाब मान रही है। अब देखना यह होगा कि बीजेपी खेमे से अखिलेश के इस व्यक्तिगत हमले पर क्या जवाबी कार्रवाई होती है।Akhilesh Yadav Yogi Adityanath Tonti Row 2026









