Skip to main content

श्रेष्ठ भारत (Shresth Bharat) | Hindi News

कर्नाटक सरकार ने किया बड़ा खुलासा, ‘7,000 HIV पॉजिटिव छात्र’ का दावा फर्जी, अफवाह फैलाने वालों को दी चेतावनी

karnataka Students HIV-Positive

karnataka Students HIV-Positive: कर्नाटक के कॉलेजों में 7,000 छात्र HIV पॉजिटिव पाए गए हैं और सरकार ने सभी छात्रों के लिए टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दावा पूरी तरह से भ्रामक और गलत है। कर्नाटक स्टेट एड्स प्रिवेंशन सोसाइटी (KSAPS) ने आधिकारिक बयान जारी कर इस खबर का खंडन किया है और इसे केवल एक अफवाह बताया है।

karnataka Students HIV-Positive: ‘7,000 HIV पॉजिटिव छात्र’ का दावा निकला भ्रामक, सरकार ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह मनगढ़ंत है और अफवाह फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, इंटरनेट और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि कर्नाटक में 18 से 25 साल के 7,000 से अधिक छात्र HIV संक्रमित पाए गए हैं और इसके बाद कॉलेजों में जांच अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि, आधिकारिक फैक्ट-चेक और सरकारी बयानों से सच्चाई सामने आई।

कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, एक ही समय में इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के संक्रमित मिलने की खबर पूरी तरह अफवाह है। कॉलेजों में किसी भी छात्र के लिए HIV टेस्ट अनिवार्य नहीं किया गया है। स्वास्थ्य शिविरों में जांच केवल छात्र की स्वैच्छिक सहमति से ही की जाती है। सरकार युवाओं के बीच एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शुरुआती पहचान के लिए कॉलेजों को एक मंच के रूप में इस्तेमाल कर रही है, न कि इसलिए कि वहां संक्रमण फैल रहा है। (karnataka Students HIV-Positive)

18–35 आयु वर्ग के डेटा को ‘7,000 छात्रों’ का आंकड़ा बताकर किया गया गुमराह

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, KSAPS की प्रोजेक्ट डायरेक्टर पद्मा बसवंतप्पा (IAS) ने स्पष्ट किया है कि विभाग ‘छात्रों’ या किसी विशेष वर्ग के आधार पर HIV संक्रमण का अलग से कोई डेटा तैयार नहीं करता है। इसलिए विशेष रूप से “7,000 छात्रों” के संक्रमित होने का आंकड़ा बिल्कुल मनगढ़ंत है। उन्होंने बताया कि साल 2004 से अब तक (पिछले दो दशकों में) 18 से 35 वर्ष के आयु वर्ग में कुल मिलाकर लगभग 39,000 मामले दर्ज किए गए हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश कर दिया गया।

पद्मा बसवंतप्पा ने स्पष्ट किया है कि विभागीय डेटा को गलत तरीके से पेश करके यह अफवाह फैलाई गई है। समाज में डर का माहौल बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि सरकार ने कॉलेजों में HIV टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने साफ किया है कि एचआईवी और एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के तहत किसी का भी एचआईवी टेस्ट अनिवार्य नहीं किया जा सकता। (karnataka Students HIV-Positive)

MAS अभियान का मकसद जागरूकता बढ़ाना, संक्रमण फैलने की खबर निराधार

अफवाहों से इतर, सरकार युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा’ (MAS) नामक एक अभियान चला रही है। कॉलेजों में केवल स्वैच्छिक स्वास्थ्य और परामर्श शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया है, जहां छात्र अपनी मर्जी से सलाह ले सकते हैं। गोपनीयता बनाए रखने के लिए कॉलेजों में एक QR कोड आधारित सेल्फ-रिस्क असेसमेंट टूल प्रदर्शित करने को कहा गया है, जिससे छात्र स्वयं गोपनीय तरीके से अपनी सेहत का आकलन कर सकें।

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में वर्तमान में लगभग 2.6 लाख लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं। इनमें से करीब 2.05 लाख लोग मुफ्त एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (ART) उपचार प्राप्त कर रहे हैं। राज्य में लगभग 54,000 से 56,000 लोग ऐसे हैं जो अपने एचआईवी स्टेटस से अनजान हैं। इसी वजह से सरकार स्वैच्छिक स्क्रीनिंग और जागरूकता शिविरों पर जोर दे रही है। (karnataka Students HIV-Positive)

संबंधित खबरें

वीडियो

Latest Hindi NEWS

CWG 2026
CWG 2026: 'इस बार पदक की लड़ाई आसान नहीं', फाइनल में पहुंचे नीरज चोपड़ा, श्रीलंका के युवा स्टार रुमेश थरंगा की जमकर की तारीफ
karnataka Students HIV-Positive
कर्नाटक सरकार ने किया बड़ा खुलासा, '7,000 HIV पॉजिटिव छात्र' का दावा फर्जी, अफवाह फैलाने वालों को दी चेतावनी
Mallikarjun Kharge on Amit Shah
'अमित शाह जवाब दें या इस्तीफा दें', NEET प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर खड़गे ने सरकार को घेरा
Abhijeet Dipke attack on Central Govt
पेपर लीक से लेकर छात्रों पर कार्रवाई तक, अभिजीत दिपके ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप; बोले- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सिर्फ शुरुआत
Raja Raghuvanshi murder
राजा रघुवंशी मर्डर केस: जमानत रद्द होते ही सोनम रघुवंशी ने किया सरेंडर, SC ने छह महीने में ट्रायल पूरा करने के दिए निर्देश
JPSC Paper Leak Protest
JPSC Paper Leak Protest: JPSC-JSSC भर्ती घोटाले पर फूटा छात्रों का गुस्सा, रांची में 'संविधान मार्च' से सरकार को चेतावनी