Abhijeet Dipke attack on Central Govt: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के सफल समापन के बाद अपने गृह राज्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) लौटने पर गुरुवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए सरकार और व्यवस्था पर तीखे हमले किए हैं। पेपर लीक विवाद के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उन्होंने छात्रों की बड़ी जीत बताया, लेकिन साफ किया कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
Abhijeet Dipke attack on Central Govt: ‘मोदी इस्तीफा देकर इन्फ्लुएंसर बन जाएं’, पीएम पर दिपके का तंज
मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से छात्रों का गुस्सा शांत नहीं होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और एक ‘इन्फ्लुएंसर’ बन जाना चाहिए, क्योंकि वह इस काम में बहुत अच्छे हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ उन ताकतों और पैलेट गन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल होती हैं।
‘सिर्फ कानून नहीं, व्यवस्था की नीयत बदलनी होगी’, एंटी-पेपर लीक कानून पर सवाल
केंद्र सरकार के ‘पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल’ (एंटी-पेपर लीक कानून) पर बोलते हुए दिपके ने कहा कि सिर्फ कड़े कानून बना देने से पेपर लीक नहीं रुकेंगे। जब तक कानून लागू करने वाले अधिकारियों और व्यवस्था की नीयत में सुधार नहीं होगा, तब तक जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदलेगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि पेपर लीक मामले की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होने वाली पहली ही सुनवाई सीबीआई (CBI) काउंसिल की अनुपस्थिति के कारण टाल दी गई, जो सरकारी तंत्र की ढिलाई को दर्शाती है। (Abhijeet Dipke attack on Central Govt)
प्रदर्शन के दौरान धमकियां मिलने का दावा, भाजपा में शामिल होने का बनाया गया दबाव
धमकियों से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए, दिपके ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें चेतावनी दी गई थी कि भाजपा में शामिल न होने पर उनके परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दिपके ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा उन जैसे एक छात्र को धमकाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इन उच्च पदों पर बैठे लोगों को बच्चों को डराने-धमकाने का सहारा लेना पड़े तो इन पदों का क्या महत्व है।
नई पीढ़ी को गुमराह करने के आरोपों का जवाब देते हुए, दिपके ने जोर देकर कहा कि अगर लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ना, सरकार पर सवाल उठाना और अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष करना संस्कृति को भ्रष्ट करने के बराबर है, तो वह उस संघर्ष को जारी रखेंगे। (Abhijeet Dipke attack on Central Govt)
बाबा रामदेव और पतंजलि पर भी साधा निशाना, सुप्रीम कोर्ट का किया जिक्र
योग गुरु बाबा रामदेव पर टिप्पणी करते हुए दिपके ने कहा कि रामदेव को राजनीति पर बयान देने के बजाय पतंजलि उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “पतंजलि के उन उत्पादों को देखिए, जिनके बारे में सुप्रीम कोर्ट ने भी धोखाधड़ी की बात कही है। इस पर ध्यान दीजिए। मुझे लगता है कि जेनरेशन Z संस्कृति, लोकतंत्र और देश को अच्छी तरह संभाल सकती है। आपको अपने दोषपूर्ण पतंजलि उत्पादों की चिंता करनी चाहिए, वरना पतंजलि बंद हो सकती है।” (Abhijeet Dipke attack on Central Govt)
‘छात्रों पर आतंकियों जैसी ताकत का इस्तेमाल हुआ’, गृह मंत्रालय पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी द्वारा अमित शाह पर लगाए गए आरोपों के संबंध में, दिपके ने कहा कि उनके विचार में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी अमित शाह की थी। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि पुलिस सीधे गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है, इसलिए गृह मंत्री को इन घटनाओं की जानकारी होना स्वाभाविक था।
भाजपा द्वारा गोलीबारी की घटना से इनकार करने का खंडन करते हुए, दिपके ने कहा कि उन्होंने स्वयं बिहार के अस्पतालों में घायल छात्रों को देखा है।
उन्होंने दावा किया कि ‘बेल्ट गन’ और एके-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए और कुछ की आंखों की रोशनी भी चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले हथियारों का इस्तेमाल छात्रों के खिलाफ किया गया। (Abhijeet Dipke attack on Central Govt)
विपक्षी एकजुटता की अपील, लोकतंत्र बचाने के लिए साझा संघर्ष की बात
विपक्ष के साथ गठबंधन के सवाल पर बोलते हुए दिपके ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों और आम जनता को एकजुट होना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी छात्रों को उनके घरों पर धमकाया जा रहा है, गिरफ्तार किया जा रहा है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं करती है।
नए शिक्षा मंत्री को बताया ‘पुराने मंत्री का प्रतिरूप’, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
शिक्षा मंत्री के परिवर्तन और प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, दिपके ने नए शिक्षा मंत्री को पूर्व मंत्री की महज “प्रतिस्थापन प्रतिरूप” बताया। भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी बलात्कार के आरोपियों को संरक्षण और सम्मान देती है, जबकि छात्रों और आम नागरिकों पर लाठीचार्ज और गोलियां चलाई जाती हैं। उन्होंने कुलदीप सेंगर मामले का हवाला देते हुए भाजपा को निशाना बनाया। (Abhijeet Dipke attack on Central Govt)
उन्होंने कहा, “अगर देश का शिक्षा मंत्री बलात्कारियों का स्वागत और प्रशंसा करता है, तो इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री ने किस तरह के व्यक्ति को सत्ता सौंपी है। आप देश को क्या संदेश दे रहे हैं? एक ऐसा शिक्षा मंत्री जो बलात्कारियों का समर्थन और स्वागत करता है। लेकिन आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं? उनकी पार्टी में और कौन है? यह ऐसे लोगों से भरी पड़ी है। कुलदीप सेंगर के बारे में क्या? उनकी सरकार में राम रहीम जैसे लोगों को पैरोल पर रिहा किया जाता है। यह एक ऐसी सरकार है जो अपराधियों और बलात्कारियों का समर्थन करती है।”
महाराष्ट्र में पेपर लीक और MPSC विवाद पर बड़े आंदोलन का आह्वान
महाराष्ट्र में बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए, दिपके ने जोर देकर कहा कि राज्य में भी एक बड़े आंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि सरकार ने पेपर लीक मामलों के लिए त्वरित अदालती कार्यवाही का वादा किया था, लेकिन सीबीआई के वकील के अदालत में पेश न होने के कारण पहली ही सुनवाई स्थगित कर दी गई। उन्होंने कहा कि जहां चुनावी रैलियां तय समय पर होती हैं, वहीं सरकार शिक्षा से संबंधित मामलों को लेकर गंभीर नजर नहीं आती। (Abhijeet Dipke attack on Central Govt)
छात्रों के लिए विशेष ट्रेन की मांग, चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल
दिपके ने सवाल उठाया कि बिहार चुनावों के दौरान विशेष ट्रेनें चलाई जाती हैं, लेकिन महाराष्ट्र में पुलिस भर्ती और अन्य सरकारी परीक्षाओं में बैठने के लिए यात्रा करने वाले छात्रों के लिए कोई विशेष व्यवस्था क्यों नहीं की जाती है। उन्होंने बताया कि दूरदराज के जिलों से आने वाले छात्रों को सड़कों पर रात बिताने के लिए मजबूर होना पड़ता है और अक्सर उन्हें समय पर भोजन भी नहीं मिलता है।
‘सरकार की प्राथमिकता चुनाव, छात्रों का भविष्य नहीं’, शिक्षा व्यवस्था पर निशाना
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) से जुड़े हालिया पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए दिपके ने कहा कि न तो नरेंद्र मोदी, न धर्मेंद्र प्रधान और न ही देवेंद्र फडणवीस शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ चुनाव जीतना है, छात्रों का भविष्य नहीं। दिपके ने यह भी दावा किया कि चूंकि कई भाजपा नेताओं के बच्चे विदेश में पढ़ाई करते हैं और उन्हें सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की चिंता नहीं करनी पड़ती, इसलिए सरकार छात्रों की कठिनाइयों को समझने में विफल रहती है। (Abhijeet Dipke attack on Central Govt)











