JPSC Paper Leak Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ हजारों छात्रों ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर शुरू हुए इस आंदोलन के तहत राज्य के विभिन्न जिलों जैसे हजारीबाग और धनबाद से छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और मोरहाबादी के बापू वाटिका में जुटे।
छात्रों ने इस आंदोलन को “संविधान मार्च” का नाम दिया और रांची की मुख्य सड़कों पर मार्च निकालते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पर अपना प्रदर्शन समाप्त किया। इस मामले में गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने पूर्व जेपीएससी उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित आठ लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
विरोध प्रदर्शन के मुख्य कारण और मांगें
श्रेणीवार कट-ऑफ और पारदर्शिता की कमी: प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) के परिणाम आधी रात को घोषित किए गए, लेकिन आयोग ने श्रेणीवार कट-ऑफ (Category-wise Cut-off) मार्क्स जारी नहीं किए।
OMR शीट में गड़बड़ी और पेपर लीक: छात्रों ने दावा किया कि परीक्षा प्रक्रिया में भारी विसंगतियां थीं। कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा से कुछ घंटे पहले प्रश्नपत्र प्रसारित होने और OMR शीट में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग: अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि वर्तमान 14वीं JPSC परीक्षा को पूरी तरह से रद्द किया जाए और एक साफ-सुथरी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाए।
CBI जांच और जवाबदेही की मांग: छात्र इस पूरे परीक्षा घोटाले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग कर रहे हैं ताकि बैक-डोर से होने वाली धांधली को रोका जा सके।
अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी: छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती है, तो वे रांची के मोराबादी मैदान/स्टेडियम को दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह स्थायी विरोध स्थल में बदल देंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
भर्ती घोटाले पर सियासत गरम, भाजपा ने संसद से रांची तक खोला मोर्चा
झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुद्दा एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) और भाजपा सांसदों ने भी दिल्ली में संसद परिसर से लेकर रांची में JPSC कार्यालय तक इन भर्ती घोटालों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और घेराव किया है। इस बड़े आंदोलन के कारण रांची के कचहरी चौक, अल्बर्ट एक्का चौक, रेडियम रोड और लालपुर रोड जैसे प्रमुख इलाकों में घंटों तक यातायात ठप रहा और चारों तरफ भारी जाम की स्थिति बनी रही।
झारखंड भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्र रांची की सड़कों पर उतर आए हैं। एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को टैग करते हुए, शाह देव ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत एक साथ गाए जा रहे थे।
देव ने कहा, “झारखंड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के पीटी (पर्सनल टेक्निकल एग्जाम) में हुई धांधली के विरोध में रांची में हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत एक साथ गाए जा रहे हैं। श्री @राहुलगांधी जी और श्रीमती @ प्रियंकागांधी जी, इस भीड़ को देखिए। अगर आप इसे नजरअंदाज करेंगे, तो यह युवा पीढ़ी आपको माफ नहीं करेगी। जेपीएससी परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और करोड़ों रुपये में सीटें बेचे जाने के आरोप हैं।
सीआईडी ने सहायक परीक्षा नियंत्रक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन क्या आप यहां शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे? यह जान लीजिए कि झारखंड में शिक्षा मंत्री का पद स्वयं माननीय मुख्यमंत्री @हेमंतसोरेनजेएमएम जी के अधीन आता है। देखते हैं आपका राजनीतिक चरित्र कैसा है? वैसे भी, आपके पुराने दोहरे राजनीतिक चरित्र को देखते हुए, ऐसा नहीं लगता कि आप कुछ बोलेंगे।”
यह मुद्दा संसद में भी उठाया गया, जहां झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में भाजपा सांसदों ने संसद परिसर में कथित जेएसएससी, जेपीएससी और उत्पाद शुल्क कांस्टेबल भर्ती घोटालों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा ने भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि “युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
CID की कार्रवाई: पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक समेत 8 गिरफ्तार
इस मामले की जांच राज्य की क्राइम इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) कर रही है। CID ने अब तक JPSC की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित लगभग 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारियां दो चरणों में की गईं, पहले पांच लोगों को और बाद में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारियों के बाद, सीआईडी ने पहले गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को कल से शुरू होकर पांच दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर पूछताछ के लिए भेज दिया। पांच आरोपियों की पहचान जेपीएससी की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल निदेशक रामवीर सिंह, मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद इबाद और अभय कुमार तिवारी के रूप में हुई है।
परिणाम घोषित होने के बाद बढ़ा विवाद, JPSC ने 9 परीक्षाएं कीं स्थगित
इस महीने की शुरुआत में JPSC द्वारा 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा परिणाम घोषित करने के तुरंत बाद विवाद शुरू हो गया। विवाद के बाद JPSC ने संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सहित करीब 500 पदों के लिए होने वाली 9 प्रतियोगी परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है।









