देशभर में विशेषरूप से पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र में रामनवमी के जुलूस को लेकर हुई हिंसा को देखते हुए हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपना लिया है. कलकत्ता की हाईकोर्ट ने ममता सरकार को इस हिंसा के लिए कड़ी फटकार लगाई है. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि हनुमान जयंती पर सुरक्षा दुरूस्त होनी चाहिए. आपको बता दे रामनवमी को पूरे देश में कई जगह हिंसा के मामले सामने आए थे. खासकर बंगाल और बिहार में तो मामला काफी आगे बढ़ गया था. रामनवमी के जुलूस के दौरान पश्चिम बंगाल में दो अलग अलग संप्रदाय से ताल्लुक रखने वाले गुटों के बीच हिंसा हो गई थी.
जिसके बाद बंगाल सहित देश की कई और जगहों पर भी हिंसा फैल गई थी. इसी को देखते हुए बंगाल की हाईकोर्ट ने बंगाल की ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और आगे होने वाली हनुमान जंयती को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा है. बंगाल हाईकोर्ट ने कहा कि हनुमान जयंती के दौरान निकाले जाने वाले जुलूस में कानून और व्यवस्था की ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए. माननीय कोर्ट ने कहा कि जिन इलाकों में धारा 144 लागू हो उन इलाकों में से जुलूस किसी भी कीमत में नहीं निकलना चाहिए.
गृह मंत्रालय ने भी हनुमान जयंती की तैयारी के लिए सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है. सरकारो को कानून व्यवस्था और अन्य तरह की व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट कहा गया है. केंद्र सरकार ने UP सरकार को हाई अलर्ट कर दिया है. गृहमंत्रालय ने त्योहार का शांतिपूर्ण पालन करने और समाज में सांप्रदायिक महौल को बिगाड़ने वाले किसी भी कारक की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. बंगाल में हुई हिंसा के बाद बीजेपी और ममता बनर्जी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.










