Jharkhand Protest: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। यह कदम परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ प्रतियोगी उम्मीदवारों और छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया है। राज्यपाल ने अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद के दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।
Jharkhand Protest: CID के समन के बाद तीनों सदस्यों ने छोड़ा पद
राज्य अपराध जांच विभाग (CID) भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच कर रहा है। सीआईडी ने पूछताछ के लिए इन तीनों सदस्यों को समन जारी किया था, जिसके तुरंत बाद इन्होंने पद छोड़ दिया। उम्मीदवार और छात्र पिछले दो हफ्तों से JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर रांची में डटे हुए हैं। सरकार ने विवादित 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और कुछ अन्य बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र पूरी जांच सीबीआई (CBI) से कराने की मांग पर अड़े हैं और उन्होंने विधानसभा मार्च का एलान किया है।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष से चार दौर में हो चुकी पूछताछ
इसी बीच तीन सदस्यों के एक साथ इस्तीफे को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को डॉ. अजीता भट्टाचार्य, मंगलवार को डॉ. अनिमा हांसदा और बुधवार को डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर तीनों को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इससे पहले सीआईडी जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से चार दौर में पूछताछ कर चुकी है। उनसे परीक्षा प्रक्रिया और आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली गई थी। (Jharkhand Protest)
14वीं JPSC परीक्षा में धांधली की जांच तेज, कई गंभीर खुलासे
14वीं जेपीएससी (JPSC) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली को लेकर झारखंड सीआईडी (CID) की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पांच दिनों की रिमांड पर लिए गए मुख्य साजिशकर्ताओं और सिंडिकेट के सदस्यों से पूछताछ में परीक्षा से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। परीक्षा संचालित करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था।
TDPL के अकाउंटेंट पर परीक्षा में फर्जी तरीके से पास होने का आरोप
जांच में पता चला है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी से खुद भी 14वीं JPSC पीटी परीक्षा पास की थी। पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते के आवासीय कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार से सीआईडी लगातार दूसरे दिन ईमेल और संवेदनशील डेटा सुरक्षा को लेकर पूछताछ कर रही है। मास्टरमाइंड अभय तिवारी के बयान के अनुसार, धर्मेंद्र ने टीडीपीएल को जेपीएससी में ओएमआर शीट, एडमिट कार्ड तैयार करने और प्रिंटिंग का काम दिलाने के बदले 20 से 25 लाख रुपये का कमीशन मांगा था। (Jharkhand Protest)
ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को JPSC का टेंडर मिलने पर उठे सवाल
TDPL को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने मई 2025 में ही अनियमितताओं के आरोपों में ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बावजूद जेपीएससी ने इसे परीक्षा कराने का टेंडर क्यों दिया, सीआईडी इस प्रशासनिक फैसले की तह तक जा रही है। इस पूरे पेपर लीक और ओएमआर शीट टेंपरिंग सिंडिकेट मामले में अब तक जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह और कई बिचौलियों सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीआईडी के रडार पर सिंडिकेट के संपर्क में रहे करीब 30 और अभ्यर्थी हैं।
48 सवाल सही करने वाले अभ्यर्थी को OMR में गड़बड़ी से पास कराने का आरोप
इसी बीच, पेपर लीक के बढ़ते विरोध को देखते हुए जेपीएससी के इन तीनों सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकार कर लिया है। ओएमआर शीट में गड़बड़ी कर कम नंबर (48 प्रश्न सही) होने के बावजूद अभ्यर्थी सुमन सौरभ को पास कराए जाने की पुष्टि के बाद, छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया है। छात्र लगातार 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करने और मामले की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हैं। (Jharkhand Protest)











