Badrinath Donation Theft Case: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान की पेंशन और सभी सेवानिवृत्ति लाभों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस कड़े फैसले की आधिकारिक पुष्टि बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगार ने की है। आरोपी राजेंद्र चौहान 30 जून 2026 को ही मंदिर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके खिलाफ सबूत मिलने के बाद विभाग ने उनके सभी वित्तीय और रिटायरमेंट लाभ फ्रीज कर दिए हैं।
Badrinath Donation Theft Case: दूसरे आरोपी को मिलेगा सिर्फ जीवन-निर्वाह भत्ता
इस मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी और मंदिर समिति के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को सेवा नियमों के तहत अब केवल मासिक जीवन-निर्वाह भत्ता ही दिया जाएगा। विशेष जांच दल (SIT) की जांच में सामने आया कि राजेंद्र चौहान को 22, 25 और 29 जून को दान राशि की गिनती दौरान नकदी के बंडल और कीमती सामान गायब करते हुए कैमरे में देखा गया था।
एसआईटी (SIT) ने 17 जुलाई 2026 को करीब 4 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद चौहान को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। चौहान को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) और प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट, ज्योशीमठ, हीना कौसर की अदालत में पेश किया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। (Badrinath Donation Theft Case)
विदेशी मुद्रा और केसर बरामद, SIT की जांच में सामने आए नए खुलासे
जांच एजेंसी द्वारा आरोपी राजेंद्र चौहान के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान विदेशी मुद्रा, केसर और अन्य मूल्यवान सामग्रियां बरामद की जा चुकी हैं। पुलिस ने बद्रीनाथ धाम इलाके में चौहान के परिसर पर भी छापेमारी की, जिसके चलते विदेशी मुद्रा, महंगा केसर और अन्य सामग्री बरामद हुई। यह तलाशी आरोपी द्वारा पूछताछ के दौरान कथित तौर पर दी गई जानकारी के आधार पर की गई थी।
एसआईटी जांच अधिकारी महादेव उनियाल ने कहा था कि कई चीजें बरामद कर ली गई हैं, लेकिन आरोपी लापता नकदी के संबंध में सहयोग नहीं कर रहा है। उनियाल ने कहा था, “केसर और कुछ अन्य सामग्रियां बरामद की गई हैं। विदेशी मुद्रा भी मिली है। जहां तक नकदी का सवाल है, आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है।” एसआईटी को जांच के हिस्से के रूप में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा तैयार की गई 18 पृष्ठों की आंतरिक जांच रिपोर्ट भी प्राप्त हुई है। (Badrinath Donation Theft Case)
CCTV और छापेमारी से मिले अहम सबूत
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, जांचकर्ताओं ने 22 जून और 25 जून की सीसीटीवी फुटेज बरामद कर उसका विश्लेषण किया है, जबकि 29 जून और 2 जुलाई की फुटेज भी जांच के लिए सुरक्षित कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि नई सीसीटीवी फुटेज की मदद से एसआईटी ने कथित चोरी मामले में और संदिग्धों की पहचान की है। SIT ने बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रंगद और उनके निजी सहायक अतुल डिमरी से कथित लापरवाही के संबंध में पूछताछ की है। जांचकर्ताओं ने मंदिर के दान के प्रबंधन और आवागमन का पता लगाने के लिए परिचालन रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की भी समीक्षा की है। (Badrinath Donation Theft Case)





