Delhi Student Protest: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पैलेट गन और बिहार में एके-47 के इस्तेमाल पर जवाब देने की मांग की है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना की और प्रधानमंत्री से माफी की मांग की है। संसद में विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच वेणुगोपाल ने बहस से गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया।
Delhi Student Protest: वेणुगोपाल बोले- गृह मंत्री बताएं, छात्रों पर AK-47 और पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?
कांग्रेस सांसद ने कहा कि किरेन रिजिजू हमारी पार्टी के नेता नहीं हैं। वे भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। किस तरह की सरकार? अभी भारत सरकार बिहार में छात्रों के खिलाफ AK-47 और दिल्ली में छात्रों के खिलाफ पेलेट गन का इस्तेमाल कर रही है। यही सरकार वहां बैठी है। वे उस सरकार के प्रतिनिधि हैं। उनकी परवाह कौन करता है? हमारी मांग बिल्कुल स्पष्ट है। गृह मंत्री कहां हैं? वे कहां छिपे हैं? इसका जवाब देना होगा! उन्हें लोकसभा में आकर बताना होगा कि बिहार में AK-47 और दिल्ली में पेलेट गन का आदेश किसने दिया ! उन्हें जवाब देना होगा!… लोग सोच रहे हैं कि इन सभी अत्याचारों के लिए वे अकेले जिम्मेदार हैं।
‘निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग बर्बरता’, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित बल प्रयोग पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि भीड़ नियंत्रण के लिए स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। तिवारी ने बताया, “मूल मुद्दा यह है क्या निहत्थे और अहिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन और एके-47 का इस्तेमाल करना जायज़ है? सीधा जवाब है, बिलकुल गलत। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) निर्धारित की है। लेकिन जिस तरह से निहत्थे छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और बिहार से जो वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें एक कांस्टेबल एके-47 लिए हुए दिख रहा है, वह सरासर बर्बरता है। यह अमानवीय है और यह एक अत्याचार है।” (Delhi Student Protest)
परीक्षा विधेयक पर विपक्ष का हंगामा, छात्र कार्रवाई पर सरकार से जवाब तलब
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 की आलोचना करते हुए तिवारी ने इसे “अस्थायी समाधान” करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार गंभीर होती तो भारत के शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए एक व्यापक कानून लाती। यह विधेयक पुलिस हिंसा के बाद जनता के गुस्से को शांत करने के लिए मात्र लाया गया है। इस विधेयक में कुछ भी नहीं है।
ये टिप्पणियां तब आईं जब केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्षी सदस्यों के जोरदार नारेबाजी के बीच लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया, जिसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस विधेयक का उद्देश्य त्वरित अदालतों, समयबद्ध जांच और मुकदमों, बढ़ी हुई सजाओं, विशेष कार्य बलों और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति करके दस्तावेज़ लीक के खिलाफ कानूनी ढांचे को मजबूत करना है। (Delhi Student Protest)











