Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। रामपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के विवाद के बीच विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जो लोग 2017 से पहले ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर लाठियां भांजते थे और रामभक्तों पर गोलियां चलवाते थे, वे आज रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं।
Uttar Pradesh: रामभक्ति से लेकर विकास तक, रामपुर में योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
सीएम योगी ने याद दिलाया कि 2017 से पहले जब रामभक्त “रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे” का नारा देते थे, तब उन पर तत्कालीन सरकारों द्वारा लाठियां और गोलियां चलाई जाती थीं। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जो पार्टी पहले भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व को नकारती थी, वह आज कह रही है कि ‘राम तो सबके हैं’ और उनके नेता अयोध्या जाने के लिए मचल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस, जिसने 2017 से पहले भगवान राम और भगवान कृष्ण में विश्वास करने से इनकार कर दिया था, आज अयोध्या जाने के लिए उत्सुक है। भगवान राम जानते हैं कि कौन सही है और कौन गलत। वे इस बात से परेशान हैं कि अयोध्या और काशी विश्वनाथ इतने सुंदर कैसे हो गए?… अब जब वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं, तो वे झूठ का सहारा ले रहे हैं।” (Uttar Pradesh)
‘अब विकास में नहीं होगा कोई भेदभाव’, योगी का बड़ा संदेश
सीएम ने रामपुर की जनता से कहा कि यह उनके वोट बैंक और आस्था की ताकत है, जिसके कारण आज विपक्षी दलों को उनका पिछलग्गू बनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास अब एकसमान और समावेशी है, जिसमें जिलों के बीच कोई भेदभाव नहीं है।
उन्होंने कहा, “विकास की बात करें तो अब इसमें कोई भेदभाव नहीं है। अगर एक जिले में बिजली पहुंचती है, तो राज्य के सभी 75 जिलों में बिजली पहुंच जाएगी। विकास अब नहीं रुकेगा। युवाओं के जीवन से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। आज राज्य में महिलाओं के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं कर सकता।” (Uttar Pradesh)
690 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने इस दौरान रामपुर के मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 690 करोड़ रुपये से अधिक की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि 2017 से पहले राज्य में केवल दो परिवारों (सैफई परिवार और रामपुर का एक विशेष परिवार) का विकास होता था, जबकि वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी 75 जिलों का विकास कर रही है। (Uttar Pradesh)











