Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जांच में कई नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) सवालों के घेरे में आ गई है। तो वहीं विपक्ष ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने यह तक कह दिया कि बीजेपी ने राम मंदिर को महमूद गजनवी से भी ज्यादा लूटा है।
यह विवाद राम मंदिर ट्रस्ट में दान पात्रों से नकदी, सोने-चांदी के आभूषणों के गायब होने और करोड़ों रुपये के कथित घपले से जुड़ा है, जिसकी जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
Ram Mandir Donation Controversy: संजय राउत बोले- ‘इतिहास में दर्ज हो BJP की लूट’
पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद राउत ने आरोप लगाया, “जो पार्टी राम मंदिर के दानपेटियों का दुरुपयोग करके रामद्रोह कर रही है, वही पार्टी आज छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। रावण में भी कई बुराइयाँ थीं, लेकिन उसने कभी दानपेटियों को नहीं लूटा। खुद को ‘राम भक्त’ कहने वालों ने हाल के महीनों में 66 बार राम मंदिर की दानपेटियों को लूटा है। महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को 17 बार लूटा था, लेकिन भाजपा के लोगों ने अयोध्या के राम मंदिर को 66 बार लूटा है। इसे भी इतिहास में दर्ज किया जाना चाहिए।”
राउत ने दावा किया कि राय को मंदिर जाने से इसलिए रोका गया क्योंकि वह कथित अनियमितताओं को उजागर करना चाहते थे। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को इसलिए रोका गया क्योंकि वह राम मंदिर के दान पेटियों में कथित भ्रष्टाचार और लूट का पर्दाफाश करने वाले थे। भाजपा ने मंदिर को कम से कम 70 बार लूटा है। मैं इस घोटाले को राष्ट्र और भगवान राम दोनों के खिलाफ राजद्रोह मानता हूं।” (Ram Mandir Donation Controversy)
‘राम मंदिर किसी की पुश्तैनी संपत्ति नहीं’— विपक्षी नेताओं के संयुक्त दौरे की मांग
राउत ने आगे कहा कि उन्होंने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे से बात की थी और सुझाव दिया था कि विपक्षी दलों के नेताओं को संयुक्त रूप से राम मंदिर जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “कल हमने उद्धव ठाकरे जी से बात की। हमारा मानना है कि हमें राम मंदिर भी जाना चाहिए। हम राहुल गांधी जी से भी बात करेंगे। अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल समेत सभी विपक्षी नेताओं को एक साथ राम मंदिर जाना चाहिए।”
संजय राउत ने आगे कहा, “राम मंदिर सभी भक्तों का है, क्या राम मंदिर किसी की पुश्तैनी संपत्ति है? राम मंदिर के लिए हमारा खून भी बहा है। हमारे लोगों ने भी बलिदान दिए हैं। मैं खुद राम मंदिर आंदोलन का हिस्सा था… अयोध्या का एकमात्र स्वामी भगवान राम हैं। अगर अजय राय को रोका गया, तो किस आधार पर रोका गया? अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो हम सभी विपक्षी नेताओं के साथ अयोध्या तक मार्च करेंगे। राम सबके हैं, वे पूरे देश के हैं।” (Ram Mandir Donation Controversy)
संजय राउत ने BJP पर लगाए 500 करोड़ के कथित गबन के आरोप
संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में और पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा कि राम मंदिर के चढ़ावे और दान पेटी से 5 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी हुई है, जो कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज में भी दिखी है। इसके साथ ही उन्होंने कुल मिलाकर लगभग 500 करोड़ रुपये के सोने, चांदी और आभूषणों के गबन का आरोप लगाया है।
राउत ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि राम मंदिर के दान से चुराए गए पैसों का इस्तेमाल राजनीति में विपक्षी पार्टियों को तोड़ने और सांसदों व विधायकों को खरीदने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने मंदिर निर्माण के लिए 4 किलो की चांदी की ईंट और उद्धव ठाकरे ने 1 करोड़ रुपये दान किए थे, लेकिन ट्रस्ट की तरफ से इसकी कोई रसीद या जानकारी नहीं दी गई और वह ईंट गायब हो गई है। (Ram Mandir Donation Controversy)
संजय राउत ने RSS प्रमुख से मांगा हस्तक्षेप
बता दें, उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर चंदा और चढ़ावा विवाद में धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के लिए SIT गठित की है, जिसमें अब तक कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, क्योंकि मंदिर निर्माण में संघ का भी योगदान रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे विपक्ष की राजनीति व मनगढ़ंत बयानबाजी करार दिया है। (Ram Mandir Donation Controversy)











