Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या में राम मंदिर के चंदे में कथित गबन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। कई संतों ने आरोप लगाया है कि चंदे की कथित चोरी को लेकर बुलाई गई बैठक को स्थानीय प्रशासन ने रोक दिया। संतों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
महामंडलेश्वर प्रकाशानंद गिरि ने मंगलवार को अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी गई तो संत जन आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने चंपत राय पर भी निशाना साधा और कथित अनियमितताओं के मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
Ram Mandir Donation Theft Case: प्रशासन पर बैठक रोकने का आरोप
प्रकाशानंद गिरि ने कहा कि संत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्हें अयोध्या में ही रोक दिया गया। उनके मुताबिक, पहले ही स्पष्ट किया गया था कि कार्यक्रम किसी तरह का विरोध प्रदर्शन या रैली नहीं था, बल्कि शांतिपूर्ण सभा थी। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चंदे की कथित चोरी के मामले में भी इतनी ही तत्परता दिखाई जाती तो संतों को अपनी बात रखने के लिए अयोध्या आने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी रकम की कथित चोरी के बावजूद प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं हुई।
संत ने कहा कि अयोध्या में शांतिपूर्ण सभा के लिए भी रास्ते बंद कर दिए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी संत हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। (Ram Mandir Donation Theft Case)
सीबीआई जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
प्रकाशानंद गिरि ने दोहराया कि संत पूरे मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में हुए उनके विरोध कार्यक्रम के दौरान प्रशासन ने उन्हें बुलाकर ज्ञापन स्वीकार किया था, लेकिन अयोध्या में उन्हें अपनी बात रखने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर प्रशासन से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। संत ने चंपत राय को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की और कहा कि यदि वह दोबारा सत्ता में प्रभावी भूमिका में आते हैं तो सरकार के सामने संकट खड़ा हो सकता है।
मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी
कथित दान घोटाले में मंदिर कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों पर चढ़ावे की रकम की सुनियोजित चोरी में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर विपक्ष की ओर से भी उच्चस्तरीय जांच और जवाबदेही की मांग उठाई गई है। मामले में अविनाश शुक्ला, अंकलप मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामा शंकर उर्फ टीनू को गिरफ्तार किए जाने की बात कही गई है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। (Ram Mandir Donation Theft Case)
फिलहाल संतों की मांग है कि राम मंदिर चंदे में कथित गबन की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि मामले से जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो।










