Ram Mandir Donation Case: एसआईटी की जांच का दायरा बढ़ा, फाइनल रिपोर्ट सौंपने के लिए यूपी सरकार से मांगा वक्त
अयोध्या राम मंदिर के कथित डोनेशन केस (दान अनियमितता मामला) में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद विशेष जांच दल (SIT) सोमवार को कोर्ट में अपनी अंतरिम (स्टेटस) रिपोर्ट पेश करने जा रहा है। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एसआईटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से अतिरिक्त समय की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कई नए सुराग मिले हैं, जिसके कारण बैंकिंग रिकॉर्ड्स का मिलान, संबंधित दस्तावेजों की गहराई से स्क्रूटनी, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण तथा कुछ और संदिग्धों से पूछताछ की प्रक्रिया अभी जारी है। जांच एजेंसी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती।Ram Mandir Donation Case
सुरक्षा और कैश मैनेजमेंट में बड़ी कमियों की ओर इशारा
Ram Mandir Donation Case: इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। 23 जून को सौंपी गई अपनी शुरुआती रिपोर्ट में एसआईटी ने मंदिर की व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर गैप्स (कमियों) की ओर इशारा किया था।
- सुरक्षा में चूक: दान में मिले कैश को मंदिर से काउंटिंग सेंटर और फिर बैंक तक ले जाने की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी।
- रिकॉर्ड की कमी: श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी के आभूषणों का रिकॉर्ड रखने का सिस्टम मजबूत नहीं पाया गया।
- अवैध नियुक्तियां: जांच में सामने आया कि मंदिर की कुछ पोस्ट्स पर तय प्रक्रिया और योग्यता (क्वालिफिकेशन) को दरकिनार कर नियुक्तियां की गईं, जिससे जवाबदेही पर असर पड़ा।
- पारदर्शिता का अभाव: प्रसाद वितरण, सीता रसोई और टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की जरूरत बताई गई है।
सोशल मीडिया के दावों से बचें, सरकार और ट्रस्ट की नजर
Ram Mandir Donation Case: इस संवेदनशील मामले को लेकर सोशल मीडिया पर करोड़ों रुपये के गबन और कई अधिकारियों की गिरफ्तारी की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। हालांकि, अभी तक इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम सच केवल एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट या कोर्ट के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा। इस बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने साफ किया है कि सरकार एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगले सप्ताह होने वाली बैठक में भी इस जांच और भविष्य के कैश मैनेजमेंट सुधारों पर विस्तृत चर्चा हो सकती है।Ram Mandir Donation Case











