Ram Mandir Donation Embezzlement Case: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान के कथित गबन की जांच तेज हो गई है और अयोध्या पुलिस जांच को आगे बढ़ाने के लिए तीन और आरोपियों की हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है। अयोध्या पुलिस करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्रा और लव कुश मिश्रा नाम के तीन और आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेने के लिए अदालत का रुख कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
Ram Mandir Donation Embezzlement Case: मुख्य आरोपी से 13 घंटे की पूछताछ के बाद कार, नकदी और आभूषण बरामद
मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से हुई 13 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी मारुति ब्रेज़ा कार (जो कथित तौर पर चोरी के पैसों से भाई के नाम पर खरीदी गई थी) और लाखों रुपये के आभूषण बरामद किए हैं। इससे पहले न्यायालय ने गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा था, जिसके बाद पुलिस को जेल के भीतर भी इनसे पूछताछ करने की अनुमति मिल चुकी है। SIT दान के पैसों की गिनती और लेनदेन के रिकॉर्ड खंगालने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ब्रांच मैनेजर समेत 10 बैंक कर्मियों से भी पूछताछ कर रही है। (Ram Mandir Donation Embezzlement Case)
SIT की प्रारंभिक जांच के बड़े खुलासे
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से पता चला है कि आरोपी दान पेटी (हुंडी) से पैसे निकालते समय कैमरों के व्यू को ब्लॉक कर देते थे। वे पैसों के बंडल को अपने कपड़ों और मोजों में छिपाकर मंदिर के वॉशरूम में रख देते थे और बाद में धीरे-धीरे बाहर निकालते थे। बैंक रिकॉर्ड की तुलना से सामने आया है कि मामला उजागर होने से पहले मंदिर के चढ़ावे से प्रतिदिन लगभग ₹6 से ₹8 लाख की हेराफेरी की जा रही थी।
जांच एजेंसियों ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से अब तक लगभग ₹79.85 लाख नकद, विदेशी मुद्रा (1,121 अमेरिकी डॉलर), और सोना-चांदी बरामद किया है। एसआईटी आरोपियों द्वारा वेतन (₹18,000–₹20,000) से अधिक की खरीदी गई बेनामी संपत्तियों, जैसे ₹1.5 करोड़ की जमीन और ₹40 लाख के फ्लैट की भी कड़ाई से जांच कर रही है। (Ram Mandir Donation Embezzlement Case)
प्रशासनिक और नीतिगत बदलाव
इस विवाद के सामने आने के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसी बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने घोषणा की कि ट्रस्ट की बैठक के बाद चंपत राय के महासचिव पद और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं।
एसआईटी अब पिछले 5 वर्षों के दौरान ट्रस्ट के खातों, निर्माण खर्चों और दान में मिले सोने-चांदी के रिकॉर्ड का दोबारा विस्तृत ऑडिट (Re-audit) करने की तैयारी में है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दान काउंटरों पर काम करने वालों के लिए बिना जेब वाला ड्रेस कोड लागू करने और एक नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा गया है। (Ram Mandir Donation Embezzlement Case)







