Himachal Pradesh Pre-Monsoon Havoc: हिमाचल प्रदेश में मानसून के आगमन और प्री-मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च से 30 जून 2026 के बीच मौसम के इस रौद्र रूप के कारण कई बड़े नुकसान सामने आए हैं। प्री-मानसून सीजन और हालिया आपदाओं में अब तक 128 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसमें पेड़ या चट्टानों से गिरने के कारण 75 मौतें और डूबने से 30 मौतें शामिल हैं।
Himachal Pradesh Pre-Monsoon Havoc: 29.84 करोड़ का नुकसान, 44 सड़कें बंद
शुरुआती आकलन के मुताबिक राज्य को करीब 29.84 करोड़ रुपये (2,984.27 लाख) का संचयी वित्तीय नुकसान हुआ है। प्रदेश में लगभग 354 घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 1,592 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। शिमला, सोलन और कुल्लू जिले वित्तीय रूप से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। हालिया खराब मौसम के कारण राज्य भर में 44 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद, 254 ट्रांसफार्मर ठप
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 28 सड़कें बंद हैं, इसके बाद शिमला में 17 सड़कें अवरुद्ध हैं। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। कुल 254 वितरण ट्रांसफार्मर रेगुलेटर (DTR) खराब पड़े हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। अकेले मंडी में ही 198 डीटीआर प्रभावित हैं, जबकि सिरमौर में 44 ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिली है। हालांकि, जल आपूर्ति व्यवस्था काफी हद तक अप्रभावित रही है और राज्य में कहीं भी पेयजल योजनाओं में कोई व्यवधान नहीं देखा गया है। (Himachal Pradesh Pre-Monsoon Havoc)
पेड़-चट्टान गिरने से 75 लोगों की मौत, डूबने से गई 30 जान
राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बताया कि मानसून से पहले के चार महीने के मौसम के दौरान मौसम संबंधी घटनाओं में 128 लोगों की जान चली गई। मृत्यु के प्रमुख कारणों में, पेड़ों और खड़ी चट्टानों से गिरने से 75 लोगों की जान चली गई, जिससे यह आपदा से संबंधित मौतों का सबसे बड़ा कारण बन गया, इसके बाद डूबने की 30 घटनाएं हुईं।
जिलेवार देखें तो शिमला में आपदा से संबंधित मौतों की संख्या सबसे अधिक 33 दर्ज की गई, उसके बाद चंबा में 23 मौतें हुईं, जबकि लाहौल और स्पीति में इस अवधि के दौरान आपदा से संबंधित कोई मौत नहीं हुई।प्राकृतिक आपदाओं के अलावा, इसी अवधि के दौरान हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 270 अन्य लोगों की जान चली गई। शिमला में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक 43 मौतें दर्ज की गईं, जबकि चंबा में 41 मौतें हुईं। (Himachal Pradesh Pre-Monsoon Havoc)
शिमला में सबसे अधिक तबाही, सोलन और कुल्लू को भी करोड़ों का नुकसान
मानसून से पहले के मौसम ने आवासीय संपत्तियों को भी व्यापक नुकसान पहुंचाया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 354 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए, जबकि 1,592 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा। वित्तीय नुकसान के मामले में, शिमला सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला बनकर उभरा, जहां 732.83 लाख रुपये का नुकसान हुआ, उसके बाद सोलन में 464 लाख रुपये और कुल्लू में 426 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि जनजीवन बहाली का काम जारी है और PWD और राज्य विद्युत बोर्ड की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सड़क अवरोधों को हटाने, मलबा साफ करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में लगी हुई हैं। अधिकारियों ने निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून हिमाचल प्रदेश में आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। (Himachal Pradesh Pre-Monsoon Havoc)
ग्लेशियर पिघलने से फ्लैश फ्लड, मनाली-लेह हाईवे बंद
बढ़ती गर्मी की वजह से ऊंचाई वाले इलाकों में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इसके कारण लाहौल-स्पीति के जाहलमा नाले में भीषण फ्लैश फ्लड आया, जिससे एक अस्थाई सड़क बह गई और मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। लगभग एक दर्जन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय केलांग से टूट चुका है। रामपुर बुशहर में मानसून की पहली बारिश में पुल बहने और कांगड़ा के टांडा में डंगा ढहने की खबरें हैं। शिमला-मनाली हाईवे पर भी भारी मलबा आने से यातायात काफी देर तक रुका रहा। (Himachal Pradesh Pre-Monsoon Havoc)
2 जुलाई से फिर भारी बारिश का अलर्ट
PWD और राज्य बिजली बोर्ड (HPSEB) की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने और बिजली-पानी की व्यवस्था सुचारू करने में लगी हुई हैं। लाहौल और मनाली प्रशासन ने नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पानी के स्रोतों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। पर्यटकों द्वारा सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते मनाली के मनालसू नाले में यूपी की एक 14 वर्षीय बच्ची के बह जाने की दुखद घटना भी सामने आई है। (Himachal Pradesh Pre-Monsoon Havoc)
मौसम विभाग ने आने वाले हफ्तों में राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 2 जुलाई से सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की आशंका है।











