Delhi Protest: 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर से संसद की ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा NEET पेपर लीक के विरोध में निकाले गए “संसद चलो” मार्च के दौरान हुई झड़पों में कम से कम 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल हुए हैं। इस संबंध मे 15 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर और उसके आसपास औसतन लगभग 10,000 लोग मौजूद रहते हैं, जहां कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 3,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।
Delhi Protest: FRS कैमरों से 2,000 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान का दावा
इसके अलावा, चेहरे की पहचान प्रणाली (FRS) कैमरों की मदद से दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर आने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने अब तक 2,000 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो जंतर-मंतर पर आए थे। पुलिस ने जंतर-मंतर और उसके आसपास जारी विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और स्थल पर आने वाले लोगों की आवाजाही पर नजर रख रही है।
आंसू गैस और लाठीचार्ज के बाद राजनीतिक दलों का विरोध तेज
20 जुलाई को आंदोलन तब और उग्र हो गया, जब हजारों लोग जंतर-मंतर से संसद की ओर “संसद चलो” मार्च में शामिल हुए और बैरिकेड लगा दिए गए। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज से जवाब दिया। दोनों पक्षों के दर्जनों लोग घायल हो गए। इस कार्रवाई से सभी राजनीतिक दलों में आक्रोश फैल गया और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप में कानूनी याचिकाएं दायर की गईं। इसके जवाब में, पुलिस ने पत्थरबाजी और हिंसा भड़काने के लिए असामाजिक तत्वों को दोषी ठहराया। (Delhi Protest)
आशुतोष रांका बोले—’मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची सार्वजनिक करेंगे’
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस के इस बयान पर कि उन्होंने जंतर-मंतर पर आए 2000 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान की है, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने दावा किया कि वे दिल्ली पुलिस को उन पुलिसकर्मियों की सूची देंगे, जिन्होंने कथित तौर पर बच्चों के सिर फोड़े, उन्हें सड़कों पर घसीटा, स्वयंसेवकों की पसलियां तोड़ीं और युवा लड़कियों को थप्पड़ मारे। उन्होंने कहा कि हम उनकी पहचान एफआरएस के माध्यम से नहीं, बल्कि जनता के माध्यम से करेंगे। हम इसे सार्वजनिक करेंगे। देखते हैं दिल्ली पुलिस इस पर क्या कहती है।
संसद स्ट्रीट और कनॉट प्लेस थानों में BNS समेत कई धाराओं में केस दर्ज
इससे पहले 21 जुलाई को संसद स्ट्रीट और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशनों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, शस्त्र अधिनियम, 1959 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम (पीडीपीपी अधिनियम) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। (Delhi Protest)
पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 223 (ख) शामिल है, जो किसी लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा या सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित है। धारा 221, जो लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालने या उसे प्रभावित करने से संबंधित है और धारा 132, जो किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए मारपीट या आपराधिक बल प्रयोग से संबंधित है।









