NEET Paper Leak Row: नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए 24 घंटे के भीतर लिया गया यह छठा सबसे बड़ा फैसला है।
NEET Paper Leak Row: मुख्य कार्रवाई और बड़े फैसले
शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में एजेंसी के पूरे ढांचे में व्यापक प्रशासनिक और तकनीकी बदलाव (ओवरहॉल) किए जाएंगे। परीक्षा प्रणाली की शुचिता और पारदर्शिता बहाल करने के लिए NTA ने एक साथ 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है। लापरवाही बरतने या पेपर लीक से सांठगांठ के साक्ष्य मिलने पर कुछ अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी और आपराधिक (क्रिमिनल) कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत इन मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं।
- प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल: सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी का तबादला पंचायती राज मंत्रालय में कर दिया है। उनकी जगह 1994 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
- विशेषज्ञों की भर्ती: NTA वर्तमान में मैनपावर की भारी कमी से जूझ रहा है (जहां 39 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 24 स्थायी कर्मचारी हैं)। इस कमी को दूर करने के लिए पूर्व इसरो चीफ के. राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों पर 10 अलग-अलग वर्टिकल्स में डोमेन विशेषज्ञों की प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर नई भर्तियां शुरू की गई हैं।
- परीक्षा प्रणाली में भविष्य के तकनीकी सुधार: पेपर लीक की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार निजी एजेंसियों को दिए जाने वाले आउटसोर्सिंग (रजिस्ट्रेशन, सेंटर मैनेजमेंट और संवेदनशील सामग्री की छपाई) के नियमों को पूरी तरह बदलने जा रही है।
- ऑनलाइन परीक्षाओं पर जोर: भविष्य में भौतिक रूप से प्रश्नपत्रों की आवाजाही और लीक के जोखिम को कम करने के लिए नीट (NEET-UG) जैसी बड़ी परीक्षाओं को धीरे-धीरे पेन-पेपर (OMR) मोड से कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में शिफ्ट करने की योजना है।
NEET विवाद पर देशभर में उग्र प्रदर्शन, कई राज्यों तक फैला आंदोलन
यह कार्रवाई देशभर के छात्रों और विभिन्न संगठनों (जैसे जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों) के बढ़ते दबाव और परीक्षा प्रणाली में जीरो-टॉलरेंस नीति लागू करने के तहत की गई है। बता दें, नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर जुलाई 2026 में देशभर के छात्रों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा उग्र विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब देश के विभिन्न राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल तक फैल चुका है।
जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है, जहाँ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे। हाल ही में ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़पें भी हुईं। बिहार में पटना, जहानाबाद, बक्सर और मुजफ्फरपुर में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। कुछ जगहों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव और पथराव की खबरें भी आई हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और गाजीपुर में छात्र और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रयागराज में वकीलों ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जुलूस निकाला है। जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट बेंच के वकील और कांग्रेस के विधि विभाग से जुड़े लोग केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। कोलकाता (पश्चिम बंगाल), चेन्नई (तमिलनाडु) और केरल के कई जिलों में बड़े पैमाने पर मार्च निकाले जा रहे हैं और नीट परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से बदलने या खत्म करने की मांग की जा रही है।











