श्रेष्ठ भारत (Shresth Bharat) | Hindi News

मिजोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा ने अपना इस्तीफा देते हुए कहा “मैं लोगों का फैसला स्वीकार करता हूं।”

9

मिजोरम के सीएम ज़ोरमथांगा ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया और लोगों के फैसले को स्वीकार कर लिया।

ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) ने मिजोरम में आगामी सरकार के गठन के लिए आवश्यक 40 सीटों वाली विधानसभा में आधी सीट के अनिवार्य आंकड़े को पार करते हुए 27 सीटें जीत ली हैं।

मिजोरम के निवर्तमान मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा ने कहा ”सत्ता विरोधी प्रभाव और लोग मेरे प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं होने के कारण मैं हार गया। मैं लोगों का फैसला स्वीकार करता हूं और मुझे उम्मीद है कि अगली सरकार अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा यह (कारण) सत्ता विरोधी है -सत्ता और कोविड का हमला।

भारत के चुनाव आयोग के अनुसार ZPM ने 27 सीटों पर जीत हासिल की जबकि मिज़ो नेशनल फ्रंट – MNF ने 10 सीटें जीतीं। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के घटक सत्तारूढ़ मिज़ो नेशनल फ्रंट के लिए एक बड़ा झटका मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा आइजोल पूर्व- I सीट ZPM के लालथनसांगा से 2,101 वोटों से हार गए।

1987 में पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करने के बाद से मिजोरम के राजनीतिक परिदृश्य पर कांग्रेस और मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) का वर्चस्व रहा है। एमएनएफ के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा इस चुनाव में सबसे प्रमुख शख्सियतों में से एक के रूप में उभरे हैं। 1998 के विधानसभा चुनाव के बाद वह मुख्यमंत्री बने और कांग्रेस के 10 साल के शासन का अंत हुआ। 2008 और 2013 में कांग्रेस के जीतने तक एमएनएफ ने एक दशक तक शासन किया।

डिप्टी सीएम तॉनलुइया तुइचांग सीट पर जेडपीएम उम्मीदवार डब्ल्यू छुआनावमा से 909 वोटों के अंतर से हार गए। जेडपीएम के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार लालदुहोमा ने सेरछिप निर्वाचन क्षेत्र में स्पष्ट जीत हासिल की है।

लालडुहोमा ने सेरछिप निर्वाचन क्षेत्र में एमएनएफ उम्मीदवार जे माल्सावमज़ुआला वानचावंग को 2982 वोटों से हराकर निर्णायक जीत दर्ज की है। जेडपीएम की लालनघिंगलोवा हमार आइजोल पश्चिम-द्वितीय निर्वाचन क्षेत्र में राज्य के कैबिनेट मंत्री लालरुआत्किमा को हराकर विजयी हुईं। तुइचांग में ZPM के डब्लू चुआनावमा ने मौजूदा उप मुख्यमंत्री तावंलुइया पर जीत हासिल की।

40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा के लिए चुनाव 7 नवंबर को हुए थे जिसमें सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) को ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम), कांग्रेस और भाजपा से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। 

संबंधित खबरें

वीडियो

Latest Hindi NEWS

Operation Sindoor
'ऑपरेशन सिंदूर' पर गहराया राजनीतिक विवाद, विपक्ष ने संसद में दिए रक्षा मंत्री के बयान को लेकर सरकार से मांगा जवाब; जानें पूरा मामला
Ram Mandir Donation Row
राम मंदिर चंदा हेराफेरी मामले पर गरमाई राजनीति, अखिलेश ने उठाए सरकार पर सवाल; बोले- भक्तों की आस्था से खिलवाड़ हुआ
Maharashtra TET 2026 Exam Postponed
पेपर लीक की आशंका के बाद महाराष्ट्र TET 2026 परीक्षा एक दिन पहले स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थी प्रभावित
Gorakhpur
Gorakhpur: 12 करोड़ शौचालय, 4 करोड़ घर और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन..., योगी ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां
Ketan Agarwal Murder Case
Ketan Agarwal Murder Case: 'हादसा' नहीं, महीनों की प्लानिंग थी! केतन मर्डर केस में पुलिस के बड़े खुलासे, जांच में सामने आई साजिश की पूरी टाइमलाइन
Bahraich Leopard Attack
Bahraich Leopard Attack: बहराइच में खूंखार तेंदुए का हमला, वनकर्मी समेत 8 लोगों पर हमला; DFO के नेतृत्व में सर्च ऑपरेशन तेज