Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र 2026 में विपक्ष का हाई-वोल्टेज ड्रामा और जोरदार हंगामा लगातार जारी है, जिसके कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। विपक्ष के सांसद संसद परिसर से लेकर सदन के भीतर तक पोस्टर-बैनर और नारेबाजी के साथ केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 6 अगस्त 2026 सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है, जबकि राज्यसभा में ‘INDIA’ गठबंधन ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
Parliament Monsoon Session 2026: किरेन रिजिजू बोले- ‘भगवान राम के अपमान’ पर देश से विपक्ष मांगे माफी
विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित तौर पर हेराफेरी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर सीधे प्रधानमंत्री से जवाब मांगा है। इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और समाजवादी पार्टी पर भगवान राम विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये पार्टियां लगातार भगवान के अस्तित्व का विरोध करती रही हैं और राम मंदिर के निर्माण का विरोध करती रही हैं।
लोकसभा को संबोधित करते हुए, रिजिजू ने अयोध्या राम मंदिर के चंदे की चोरी के संबंध में विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की कड़ी आलोचना की, और इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने मंदिर के निर्माण के प्रति असहमति दिखाने के लिए काली पट्टियाँ पहनी थीं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, सीपीआई और एसपी भगवान राम के विरोधी हैं। उन्होंने हमेशा भगवान राम के खिलाफ रुख अपनाया है। उन्होंने हमेशा भगवान राम के अस्तित्व का विरोध किया है। राम मंदिर के निर्माण के दौरान उन्होंने विरोध में काली पट्टी बांधी थी। लेकिन संसद परिसर के अंदर उन्होंने जो नाटक किया है, उससे हम बेहद आहत हैं।” (Parliament Monsoon Session 2026)
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी दलों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की और जोर देकर कहा कि उन्हें देश से क्षमा मांगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने इसे भगवान राम का अपमान बताया। उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता हूं कि कांग्रेस, सपा और सीपीआई देश से माफी मांगें और भगवान राम के अपमान के लिए भी माफी मांगें।”
हंगामे के बीच संसद में पास हुए अहम बिल, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 38 होगी
एक तरफ जहां लोकसभा में विपक्ष का लगातार हंगामा और नारेबाजी जारी थी, वहीं दूसरी ओर विधायी कामकाज भी होते रहे। सदन के स्थगित होने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026’ पेश किया।
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि इस नए विधेयक का उद्देश्य बैंकर्स बुक्स से संबंधित साक्ष्यों के लिए कानून बनाना और इसे समकालीन डिजिटल बैंकिंग प्रथाओं के पूरी तरह अनुरूप तैयार करना है। विपक्ष के भारी शोरगुल और हंगामे के बीच इस महत्वपूर्ण विधेयक को बिना चर्चा के ही पारित करा लिया गया। (Parliament Monsoon Session 2026)
संसद के मानसून सत्र के दौरान ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ राज्यसभा से पारित हो गया है, जिसे विपक्ष के वॉकआउट और भारी हंगामे के बीच ध्वनि मत से मंजूरी दी गई। इस विधेयक के संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित न्यायाधीशों की कुल स्वीकृत संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी।
राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन पर विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी संग नेताओं की 50 मिनट तक बैठक
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष का विरोध जारी रहा, जिसके चलते एक के बाद एक कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सूत्रों के अनुसार, आज सुबह संसद परिसर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ परिसीमन विधेयक पर चर्चा करने के लिए सरकार और विपक्ष के नेताओं के बीच एक बैठक हुई।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने परिसीमन विधेयक पर विपक्षी दल का रुख जानने की कोशिश की। संसद में जारी गतिरोध पर चर्चा करने के लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कमरे में आयोजित बैठक लगभग 50 मिनट के बाद समाप्त हुई। (Parliament Monsoon Session 2026)
इससे पहले दिन में, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सहित विपक्षी सांसदों ने 20 जुलाई को CJP के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘पुलिस कार्रवाई’, अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित गबन और अन्य मुद्दों के विरोध में प्रेरणा स्थल स्थित गांधी प्रतिमा से संसद में मकर द्वार तक मार्च निकाला।











