E20 Petrol Controversy: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को संसद में अनिवार्य E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ नियम 267 के तहत कार्यस्थगन का नोटिस पेश किया है। संजय सिंह ने देश भर में लागू की गई इस नीति को आम जनता पर एक “अनिवार्य प्रयोग” बताया है। बता दें, केंद्र सरकार ने एथेनॉल मिश्रण के 20% के लक्ष्य को साल 2030 से घटाकर 2025-2026 कर दिया है, जिससे देश भर के पेट्रोल पंपों पर डिफ़ॉल्ट रूप से सिर्फ E20 पेट्रोल ही मिल रहा है।
E20 Petrol Controversy: AAP का दावा- E20 पेट्रोल से पुराने वाहनों को नुकसान
सांसद का आरोप है कि E20 ईंधन के कारण गाड़ियों के इंजन सीज़ हो रहे हैं, माइलेज घट रही है और पुराने वाहनों के फ्यूल सिस्टम, रबर पार्ट्स व गैस्केट खराब हो रहे हैं। देश के करोड़ों वाहन मालिकों को उनकी सहमति या वाहनों की अनुकूलता जांचे बिना इसे इस्तेमाल करने पर मजबूर किया जा रहा है। यह कदम देश के मध्यमवर्गीय परिवारों, ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों और डिलीवरी कर्मियों के आर्थिक हितों और उपभोक्ता अधिकारों को चोट पहुंचाता है।
Rule 267 के तहत E20 नीति पर तत्काल चर्चा की मांग
राज्यसभा के नियम 267 (Rule 267) के तहत कोई भी सांसद सदन के पहले से तय सभी कार्यों को निलंबित करके किसी अत्यंत महत्वपूर्ण और तात्कालिक राष्ट्रीय मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग कर सकता है। संजय सिंह ने इस नोटिस के जरिए पूरे सदन में इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर विस्तृत बहस की मांग की है। यह नोटिस आम आदमी पार्टी द्वारा E20 नीति के विरोध में चलाए जा रहे देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है। (E20 Petrol Controversy)
AAP की मांग- पेट्रोल पंपों पर 100% शुद्ध पेट्रोल भी मिले, E20 की कीमत हो कम
इससे ठीक एक दिन पहले यानी 4 अगस्त 2026 को आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में नेताओं ने देश भर से इकट्ठा किए गए 2.33 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाले मांग पत्र को प्रधानमंत्री को सौंपने के लिए मार्च निकाला था, जिसे दिल्ली पुलिस ने रोक दिया था। पार्टी की मांग है कि पेट्रोल पंपों पर 100% शुद्ध पेट्रोल और E20 दोनों का विकल्प दिया जाए, E20 की कीमत शुद्ध पेट्रोल से काफी कम रखी जाए और पेट्रोल के दाम ₹84 प्रति लीटर से नीचे लाए जाएं।
केंद्र सरकार और ऑटो कंपनियों का पक्ष
संसद और सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे पर सरकार ने अपना बचाव भी पेश किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया कि व्यापक वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद ही इसे लागू किया गया है और बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने की कोई भी शिकायत सामने नहीं आई है।
हालांकि, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कुछ दिन पहले राज्यसभा में यह माना था कि E20 पेट्रोल से पुराने BS-III वाहनों के रबर पार्ट्स और गैस्केट को नुकसान पहुंच सकता है, लेकिन इन्हें सर्विसिंग के दौरान आसानी से बदला जा सकता है और इंजन को कोई नुकसान नहीं होगा। (E20 Petrol Controversy)
मारुति सुजुकी, टोयोटा और हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी ऑटो कंपनियों ने सरकार के अनुसार यह कहा है कि उनके नए BS-VI वाहन पूरी तरह E20 प्रमाणित हैं, हालांकि विपक्षी दल कंपनियों के ओनर मैनुअल का हवाला देकर इस पर लगातार पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।











