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लोकसभा अध्यक्ष बन सकती हैं डी. पूरनदेश्वरी, चंद्रबाबू नायडू से जुड़ा है नाम

लोकसभा स्पीकर पद की डिमांड TDP द्वारा की गई है। ऐसे में अब यह संभावना जताई जा रही है कि दोनों पार्टियों ने मिलकर डी. पुरनदेश्वरी को स्पीकर पद सौंपने का फैसला किया है।
Daggubati Purandeswari

Daggubati Purandeswari: मोदी सरकार 3.0 में आंध्र प्रदेश की बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और तीन बार की सांसद डी. पूरनदेश्वरी को लोकसभा का अध्यक्ष पद मिल सकता है। मंत्रिमंडल के गठन के बाद लोकसभा अध्यक्ष का नाम NDA द्वारा तय किया जाएगा। बता दें कि, डी. पूरनदेश्वरी तेलुगू देशम पार्टी (TDP) अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की रिश्तेदार हैं। NDA सरकार बनने के बाद शपथ ग्रहण समारोह से पहले भी ये खबरें आईं थी कि लोकसभा स्पीकर पद की डिमांड TDP द्वारा की गई है। ऐसे में अब यह संभावना जताई जा रही है कि दोनों पार्टियों ने मिलकर डी. पुरनदेश्वरी को स्पीकर पद सौंपने का फैसला किया है।

कौन हैं डी पूरनदेश्वरी?

डी पूरनदेश्वरी तेलुगू देशम पार्टी (TDP) की संस्थापक और दिग्गज नेता रहे एनटी रामाराव की बेटी हैं। पूरनदेश्वरी मौजूदा TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू की साली भी हैं। डी पूरनदेश्वरी चर्चा में तब आईं, जब 1996 में जब एनटी रामाराव का तख्तापलट किया गया था, तब उन्होंने TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू का खूब समर्थन किया था।

2004 में लड़ा पहला चुनाव

पूरनदेश्वरी ने 2004 के 14वीं लोकसभा चुनाव में फिल्म निर्माता दग्गुबाती रामानायडू को भारी वोटों से हराया था। बापटला निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर पहली बार वो संसद पहुंचीं। लोकसभा चुनाव 2024 में उन्होंने राजमहेंद्रवरम सीट से करीब 2.40 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है।

थामा था कांग्रेस का हाथ

इसके बाद पार्टी में साइड लाइन होने के डर से पूरनदेश्वरी 2004 में कांग्रेस में शामिल हो गईं। वो 2009 में केंद्र की मनमोहन सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री के पद को भी संभाल चुकी हैं। फिर 2012 में उन्हें UPA सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री का पद सौंपा गया।

2014 में BJP में हुईं शामिल

कांग्रेस में शामिल होने के बाद डी. पूरनदेश्वरी आंध्र प्रदेश को बांटकर दो राज्य बनाने के मसले पर पार्टी से नाराज थीं। इस मामले पर उन्होंने कहा था कि जिस तरह कांग्रेस ने तेलंगाना राज्य बनाने के लिए आंध्र प्रदेश का विभाजन किया है, उससे उन्हें बहुत दुख पहुंचा है। मेरे पास कांग्रेस छोड़ने के अलावा कोई चारा नहीं बचा हैं। फिर 7 मार्च 2014 को वह कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हो गईं। वर्तमान में वह आंध्र प्रदेश की बीजेपी अध्यक्ष हैं।

यह भी पढ़े- PMO के बाद ये मंत्रालय है सबसे ज्यादा पावरफुल, NIA भी इसके लिए करता है काम

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