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छात्र आंदोलन पर सख्ती क्यों? झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर अभिजीत दिपके ने सरकार पर उठाए सवाल

Jharkhand Student Protest

Jharkhand Student Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं (JPSC-JSSC) के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना की तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई से करते हुए सरकारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Jharkhand Student Protest: छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर अभिजीत दिपके ने सरकार पर उठाए सवाल

अभिजीत दिपके ने अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों के साथ वैसा ही बर्ताव किया गया जैसा दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलनों के दौरान देखने को मिला था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजनीतिक दल प्रदर्शन करते हैं तो पुलिस इस तरह का सख्त रुख नहीं अपनाती, लेकिन जब युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो उनके खिलाफ ही आंसू गैस और बेरहमी से लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों किया जाता है।

दिपके ने साफ किया कि ये छात्र किसी वोट बैंक के लिए नहीं, बल्कि अपने सुरक्षित भविष्य और हक के लिए लड़ रहे हैं, जिसे लाठियों के दम पर दबाया नहीं जा सकता। दिपके ने कहा, “कल झारखंड में जो कुछ हुआ वह बहुत बुरा था। 20 तारीख को जंतर-मंतर पर जो दृश्य हमने देखा था, ठीक वैसा ही दृश्य कल झारखंड में भी देखने को मिला, जहां छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठियां बरसाई गईं। मुझे समझ नहीं आता कि राजनीतिक दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज या आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता। ये आंसू गैस और लाठीचार्ज सिर्फ छात्रों के खिलाफ ही क्यों किए जा रहे हैं?” (Jharkhand Student Protest)

अस्पताल में भर्ती देवेंद्र महतो से दिपके ने की वीडियो कॉल पर बात

दिपके ने आगे कहा, “मैंने कल देवेंद्र महतो जी से भी बात की, जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बताया कि वे 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, और उसके बाद भी पुलिस ने उन पर लाठियां चलाईं। उनकी पिटाई की गई और अब वे अस्पताल में हैं, और उनकी वर्तमान स्थिति काफी चिंताजनक है।” दिपके ने कहा कि ये छात्र अपने अधिकारों और अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। वे किसी वोट बैंक के लिए नहीं लड़ रहे हैं। इसलिए, उन पर इस तरह का लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए और यह बर्बरता बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।

विरोध स्थल पर अपनी शारीरिक उपस्थिति के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए, दिपके ने कहा कि उनका ध्यान व्यक्तिगत प्रचार के बजाय आंदोलन का समर्थन करने पर केंद्रित है। उन्होंने साफ किया, “हमारा काम उन्हें सशक्त बनाना है, न कि वहां जाकर अपना प्रचार करना। हमारी पूरी टीम वहां मौजूद है और हम उन्हें पूरा समर्थन देते हैं। कल के प्रदर्शन में भी हमारी टीम छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थी।” (Jharkhand Student Protest)

लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा का झारखंड बंद, छात्रों की मांगों पर बढ़ा दबाव

इस बीच, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची में झारखंड के उम्मीदवारों द्वारा किए गए ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए झारखंड पुलिस द्वारा सोमवार को लाठियों और वाटर केनन का इस्तेमाल किए जाने के बाद, झारखंड की भाजपा इकाई ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया।

विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है। (Jharkhand Student Protest)

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