श्रेष्ठ भारत (Shresth Bharat) | Hindi News

कनाडाई राजनयिक का निष्कासन “भावनात्मक तत्व” पर आधारित था- संजय कुमार वर्मा

15

कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने एक कनाडाई राजनयिक के निष्कासन और अन्य अधिकारियों की राजनयिक छूट छीनने पर कहा है कि यह “प्रतिशोधात्मक” था और आंशिक रूप से “भावनात्मक तत्व” पर आधारित था।

ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता के सितंबर में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद कनाडा और भारत के संबंधों में तनाव देखा गया। भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” और “प्रेरित” बताकर खारिज कर दिया है।

इसके तुरंत बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। भारत ने भी शुरू में कनाडा के लिए अपनी वीज़ा सेवाओं को निलंबित कर दिया था। लेकिन एक महीने बाद इसमें ढील दे दी। पिछले सप्ताह भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा जारी करना फिर से शुरू किया।

रविवार को एक इंटरव्यू में वर्मा ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध दो महीने पहले की तुलना में बेहतर हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करने के भारत के फैसले में “भावनात्मक तत्व एक कारक था”। भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि अक्टूबर में दर्जनों अन्य राजनयिकों से राजनयिक छूट छीनने का कदम काफी हद तक समानता के लिए था। ताकि कनाडा में जितने भारतीय राजनयिक तैनात थे उतनी ही संख्या में कनाडाई राजनयिक भारत में रह सकें।

पिछले महीने कनाडा ने भारत से अपने 41 राजनयिकों को वापस बुला लिया था। जब भारत सरकार ने कहा था कि वह निज्जर की हत्या पर उनके विवाद को बढ़ाते हुए उनकी राजनयिक छूट रद्द कर देगी। वर्मा ने जोर देकर कहा कि भारत “बिल्कुल”और “निश्चित रूप से” निज्जर की हत्या में शामिल नहीं था – लेकिन अब तक किसी भी जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया है।

वर्मा ने सिख अलगाववादी आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि कनाडा के साथ अपने संबंधों में भारत की “मुख्य चिंता” यह बनी हुई है कि “कुछ कनाडाई नागरिक (भारत की) संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमले शुरू करने के लिए कनाडाई धरती का उपयोग कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि उस “मुख्य मुद्दे” से कनाडा में काम करने वाले भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों के लिए “सुरक्षा चिंताएं” आती हैं जिनमें वह भी शामिल हैं।

भारतीय उच्चायुक्त से दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आने के समय और हाउस ऑफ कॉमन्स में ट्रूडो के आरोप के तुरंत बाद राजनयिकों के निष्कासन के बारे में पूछा गया तो वर्मा ने कहा उस समय भावनाएं बहुत अधिक हो गई थीं। वर्मा ने कहा हमारे प्रमुख राजनयिकों में से एक को अवांछित व्यक्ति के रूप में यहां से निष्कासित कर दिया गया था इसलिए उस पर जवाबी कार्रवाई की गई थी।

संबंधित खबरें

वीडियो

Latest Hindi NEWS

CM Mohan Yadav
उज्जैन में 168 एकड़ जमीन खरीद के आरोपों से घिरे मोहन यादव, कांग्रेस बोली- MP में चल रहा लूट का इंजन; मांगा इस्तीफा और न्यायिक जांच
Ram Mandir Donation Controversy
Ram Mandir Donation Controversy: "एक और परत खुली", अखिलेश यादव ने अयोध्या दान विवाद पर भाजपा को बनाया निशाना
West Bengal Assembly
West Bengal Assembly: TMC में सियासी घमासान तेज, मदन मित्रा को मिला चीफ व्हिप का पद, स्पीकर कार्यालय पर नियुक्ति पत्र ठुकराने का आरोप
Ram Mandir Donation Controversy
Ram Mandir Donation Controversy: राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन पर कांग्रेस नेता की मांग- जिम्मेदारों पर हो सख्त कार्रवाई
Tamil Nadu
Tamil Nadu: “फिल्म से CM नहीं, जनता के साथ खड़े होकर नेता बना...”, फिल्म से राजनीति वाली आलोचना पर विजय का पलटवार
Shiv Sena UBT Crisis
महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर, शिवसेना (UBT) के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल; उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका