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IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पहुंचे पीएम मोदी, ‘परम प्रज्ञा’ का किया वर्चुअल उद्घाटन; बोले- चिप से जहाज तक यहीं होगा निर्माण

AI-Powered Param Pragya Facility at IIT Delhi

AI-Powered Param Pragya Facility at IIT Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जहां उन्होंने संस्थान के सोनीपत परिसर में स्थापित एआई-संचालित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का वर्चुअली उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने मेधावी छात्रों को संस्थान के सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए। इनमें राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक और परफेक्ट टेन स्वर्ण पदक शामिल हैं।

इस दीक्षांत समारोह में 3,000 से अधिक स्नातक छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 587 पीएचडी (PhD) शोधार्थी भी शामिल हैं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और IIT दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को देश की इस नई विकास यात्रा का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया।

AI-Powered Param Pragya Facility at IIT Delhi: IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी का संदेश- जो सीखते रहेंगे, वही सफल होंगे

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कई छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए पदक मिले हैं। मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं। हालांकि, अगर इनमें कुछ और लड़कियां होतीं तो और भी अच्छा होता। माफ कीजिए। सिर्फ एक या दो ही क्यों? और भी होनी चाहिए थीं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘वैश्विक रणनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहा है। तकनीकी प्रगति की गति के कारण वैश्विक शक्ति संतुलन पल-पल बदल रहा है। कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि अगले 20 या 30 वर्षों में दुनिया कैसी होगी… दुनिया, प्रौद्योगिकी, उद्योग और पेशे सभी विकसित होंगे। लेकिन इन सबके बीच एक बात याद रखें। जो सीखते रहेंगे, वही सफल होंगे।” (AI-Powered Param Pragya Facility at IIT Delhi)

‘अगले 30-35 साल आपके फैसले तय करेंगे विकसित भारत की दिशा’, पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, “आप सभी जानते हैं कि हर पीढ़ी अपने समय की विशिष्ट चुनौतियों का सामना करती है और अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी निभाती है…आप अपने जीवन के अगले 30 से 35 वर्षों में जो कुछ भी करेंगे, वह ‘विकसित भारत’ की ओर हमारी यात्रा को प्रभावित करेगा। इसलिए, आपके द्वारा लिए गए प्रत्येक निर्णय का आधार यह होना चाहिए, इससे देश को क्या लाभ होगा? इससे राष्ट्र की कौन सी आवश्यकताएं पूरी होंगी?”

‘चिप से जहाज तक सब कुछ भारत में बनेगा’, IIT दिल्ली में बोले पीएम मोदी

पीएम ने प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया। प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर और ड्रोन क्षेत्रों में मौजूद अवसरों और प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा, “आर्थिक आत्मनिर्भरता…तकनीकी आत्मनिर्भरता… औद्योगिक आत्मनिर्भरता… भारत इन सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है। ये एक विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

मैं स्पष्ट रूप से स्वीकार करता हूं कि चिप से लेकर जहाज तक, सब कुछ यहीं, आपके अपने हाथों से बनाया जाएगा। आज हमारे ड्रोन क्षेत्र के युवा नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं। कहीं ड्रोन खेतों में काम कर रहे हैं, कहीं दवाइयां पहुंचा रहे हैं, कहीं देश की रक्षा और सुरक्षा में मदद कर रहे हैं, और आज कहीं कोई युवा कह रहा है – मेरे खानदान में ड्रोन बनाने वाला पहला व्यक्ति।” (AI-Powered Param Pragya Facility at IIT Delhi)

अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर पीएम का फोकस, युवाओं को गिनाए नए अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा, “आप सभी के सामने एक और बड़ी संभावना है, और वह नया अवसर अनुसंधान के क्षेत्र में है… प्रधानमंत्री अनुसंधान फैलोशिप हमारे प्रतिभाशाली युवाओं को अनुसंधान करने के अवसर प्रदान कर रही है। नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए ‘अनुसंधान, विकास और नवाचार योजना’ शुरू की गई है। देश में विज्ञान और अनुसंधान को नई गति देने के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना भी की गई है।

अनुसंधान क्षेत्र के लिए 1 लाख करोड़ रुपये तक की धनराशि की व्यवस्था की जा रही है… ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ पहल के माध्यम से, प्रतिष्ठित वैश्विक अनुसंधान पत्रिकाएं अब देश के छोटे से छोटे शहरों तक भी बिना किसी अतिरिक्त लागत के पहुंच रही हैं।” (AI-Powered Param Pragya Facility at IIT Delhi)

IIT दिल्ली के 3,036 छात्रों को मिली डिग्री, 196 नए पेटेंट और 26 स्टार्टअप हुए स्थापित

इस बीच, आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने कहा कि इस वर्ष 3036 छात्रों को डिग्री मिली। इनमें 587 पीएचडी, 567 एमटेक और 1049 बीटेक के छात्र शामिल हैं। संस्थान ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 600 करोड़ रुपये के प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य किया है। पिछले एक वर्ष में 196 नए पेटेंट दाखिल किए गए और 26 नए स्टार्टअप स्थापित हुए।

आईआईटी दिल्ली ने देशभर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रगति की है, जिसमें 30 देशों के साथ 88 सक्रिय समझौते शामिल हैं। (AI-Powered Param Pragya Facility at IIT Delhi)

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