Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को एंटी करप्शन कोर्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत) ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ ‘टिन्नू यादव’ और उसके भतीजे मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है। अयोध्या पुलिस और मामले के विवेचक (क्षेत्राधिकारी) आशुतोष तिवारी ने कोर्ट से आरोपियों की 7 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने शर्तों के साथ कुल 39 घंटे की अवधि ही स्वीकृत की है।
Ram Mandir Donation Theft Case: जेल से कस्टडी में लेकर होगी पूछताछ, मनी ट्रेल पर रहेगा फोकस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पुलिस रिमांड शनिवार सुबह 8:00 बजे से शुरू होकर रविवार रात 11:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। पुलिस शनिवार सुबह दोनों आरोपियों को अयोध्या जेल से कस्टडी में लेकर पूछताछ के लिए रवाना होगी। पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों से चोरी किए गए पैसों की बरामदगी, मनी ट्रेल खंगालने और इस पूरी साजिश में शामिल अन्य संभावित चेहरों का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ की जाएगी।
₹3 लाख की बरामदगी के बाद अब अन्य आरोपियों और पैसों के नेटवर्क की तलाश
टिन्नू यादव मंदिर के दानपात्रों की देखरेख का जिम्मा संभालता था। वहीं उसका भतीजा मनीष यादव चढ़ावे की गिनती के काम से जुड़ा हुआ था। पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में टिन्नू के घर से ₹1 लाख और मनीष के घर से ₹2 लाख बरामद किए जा चुके हैं। इस मामले में अब तक गिरफ्तार 8 आरोपियों में से 6 से पुलिस पहले ही अलग-अलग चरणों में रिमांड लेकर पूछताछ कर चुकी है। टिन्नू और मनीष को रिमांड पर न लेने को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे थे, जिस पर इस अदालती आदेश के बाद विराम लग गया है। (Ram Mandir Donation Theft Case)
मंदिर परिसर में 10 दिन का प्रायश्चित अनुष्ठान शुरू
इस घटना के सामने आने के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर के शुद्धिकरण के लिए 18 पुजारियों और 5 आचार्यों की देखरेख में गर्भगृह और परकोटे में 10 दिवसीय प्रायश्चित अनुष्ठान व विशेष पूजा-पाठ भी शुरू करवा दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में कथित गबन के आरोप ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है, और SIT अनियमितताओं की जांच जारी रखे हुए है।











