Hydrogen Train India 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से भारत की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। भारतीय रेलवे के इतिहास में इसे हरित परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस नई तकनीक की शुरुआत से भारत, जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है।
Hydrogen Train India 2026: 89 किलोमीटर की दूरी, 14 स्टेशनों पर होगा ठहराव
यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशनों के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर संचालित हो रही है।इस दूरी को पूरा करने में ट्रेन को लगभग 2 घंटे का समय लगेगा और यह रास्ते में 12 मध्यवर्ती स्टेशनों (कुल 14 स्टेशन) पर रुकेगी। यह ट्रेन रविवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन चलाई जाएगी। यह ट्रेन पर्यावरण के पूरी तरह अनुकूल है। यह हवा से ऑक्सीजन और ईंधन टैंक से हाइड्रोजन के बीच रासायनिक प्रक्रिया कराकर बिजली बनाती है, जिससे धुएं के बजाय सिर्फ पानी की भाप निकलती है।
3,200 HP इंजन, 10 कोच और 2,600 यात्रियों की क्षमता
इसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है, जिसमें 3,200 हॉर्सपावर (HP) का प्रोपल्शन सिस्टम लगा है। फिलहाल इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। 10 कोच वाली इस आधुनिक ट्रेन में एक बार में लगभग 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं। आम जनता की सुविधा के लिए इस ट्रेन का न्यूनतम किराया ₹5 और अधिकतम किराया ₹25 तय किया गया है। (Hydrogen Train India 2026)
भारत बना हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश
विशेष ग्रीन हाइड्रोजन प्लांटइस ट्रेन को ईंधन देने के लिए जींद रेलवे स्टेशन के पास ही देश का पहला हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग प्लांट स्थापित किया गया है। यह प्लांट वाटर इलेक्ट्रोलिसिस तकनीक के जरिए रोजाना करीब 430 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन तैयार करेगा। इस शुरुआत के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों (जैसे जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन) की लीग में शामिल हो गया है जहाँ हाइड्रोजन ट्रेनें व्यावसायिक रूप से संचालित होती हैं। (Hydrogen Train India 2026)











