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Ram Mandir Donation Controversy: “एक और परत खुली”, अखिलेश यादव ने अयोध्या दान विवाद पर भाजपा को बनाया निशाना

Ram Mandir Donation Controversy

Ram Mandir Donation Controversy: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर चंदा गबन मामले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि जैसे-जैसे और अधिक जानकारी सामने आएगी, मामले को दबाने के प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए मंदिर के सीसीटीवी फुटेज जानबूझकर गायब किए गए हैं।

सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए सपा नेता ने कहा, “एक और परत खुल गई है। अगर भाजपा सदस्यों और उनके सहयोगियों के ‘बड़े पापों’ की परतें इसी तरह खुलती रहीं, तो ‘जांच’ के बजाय ‘मामले को दबाने’ का काम और भी तेजी से शुरू हो जाएगा।”

Ram Mandir Donation Controversy: ₹5–7.5 करोड़ गबन के आरोप पर विवाद

यह विवाद राम मंदिर के चढ़ावे और दान के पैसों में कथित हेरफेर को लेकर गरमाया हुआ है, जिस पर उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) जांच कर रही है। अखिलेश यादव और विपक्षी दलों ने इस पूरे मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर के दानपात्रों और भक्तों के चढ़ावे से लगभग ₹5 करोड़ से ₹7.5 करोड़ की राशि गायब है।

जमीन खरीद-फरोख्त पर भी सवाल

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि गिनती वाले कमरों और कुछ मुख्य जगहों के सीसीटीवी फुटेज गायब हो गए हैं, जिससे सच छिपाया जा सके। उन्होंने भाजपा नेताओं पर अयोध्या में कौड़ियों के भाव जमीनें खरीदकर ट्रस्ट को महंगे दामों पर बेचने और गरीबों की जमीनें छीनने का भी आरोप लगाया है। (Ram Mandir Donation Controversy)

भाजपा और ट्रस्ट ने आरोपों को नकारा

सपा प्रमुख ने मजाकिया लहजे में कहा कि एसआईटी को बहुत सावधान रहना चाहिए, कहीं इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए। उन्होंने कहा कि जांच के दिन केवल सबूतों को ठिकाने लगाने के लिए बढ़ाए जा रहे हैं। इस मामले में भाजपा और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी आरोपों को खारिज किया है। भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कहा कि विपक्ष इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे को केवल राजनीति और आगामी चुनावों के लिए हवा दे रहा है।

ट्रस्ट ने ऑडिट व्यवस्था का दिया हवाला

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट किया कि मंदिर के पैसों का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा नियमित रूप से आंतरिक ऑडिट किया जाता है। अभी तक किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी की बात सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जांच पूरी होने पर यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। (Ram Mandir Donation Controversy)

SIT जांच और आगे की कार्रवाई

जून 2026 की शुरुआत में इस मामले में ₹7 करोड़ की कथित चोरी की अफवाहों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून, 2026 को इस तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया था। इस विवाद के बढ़ने पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी मंदिर ट्रस्ट से इस विषय पर रिपोर्ट मांगी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसके बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।


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