Deoria News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया जिले के मझौलीराज में 305 करोड़ रुपये की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती तस्वीर का जिक्र किया और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपनी पुरानी ‘बीमारू’ राज्य की छवि से बाहर निकल चुका है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की पहचान और तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। उनके मुताबिक, राज्य में माफिया और अपराध पर प्रभावी कार्रवाई हुई है, जबकि कानून-व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उन्होंने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ की चर्चा होती थी, लेकिन आज प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चुनौती बनी रही इंसेफेलाइटिस की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और प्रभावी रोकथाम के प्रयासों से इस बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।
Deoria News: देवरिया में 305 करोड़ की 80 परियोजनाओं की शुरुआत
मझौलीराज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सलेमपुर और भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्रों के विकास से जुड़ी 305 करोड़ रुपये की 80 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अलावा पड़ोसी जिले गोरखपुर में भी 130 करोड़ रुपये से अधिक की 170 विकास परियोजनाओं का अनावरण किया गया। इस तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश को कुल 435 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात मिली।
‘बीमारू’ राज्य से ‘ग्रोथ इंजन’ तक यूपी का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को देश के पिछड़े और ‘बीमारू’ राज्यों में गिना जाता था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा, विकास, सम्मान और रोजगार को लेकर गंभीर चुनौतियां थीं। योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और विकास योजनाओं के चलते आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने प्रदेश को भारत का ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अपराधियों और दंगाइयों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था और प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ के तौर पर बन गई थी। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने इस छवि को बदलने की दिशा में काम किया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ की नीति के जरिए प्रदेश के जिलों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण का दावा
पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और देवरिया समेत कई इलाकों में दशकों तक इंसेफेलाइटिस गंभीर स्वास्थ्य चुनौती रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 40 वर्षों में इस बीमारी के कारण 50 हजार से अधिक बच्चों की जान गई। उन्होंने पिछली सपा और कांग्रेस सरकारों पर इस समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वच्छता अभियान, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, जागरूकता और बीमारी की रोकथाम के उपायों के चलते इंसेफेलाइटिस के मामलों और उससे होने वाली मौतों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
कानून-व्यवस्था और रोजगार पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि कानून का राज मजबूत होने से महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में विकास परियोजनाओं के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
देवरिया में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बदलते विकास मॉडल की तस्वीर के तौर पर पेश किया। 305 करोड़ रुपये की 80 परियोजनाओं के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 435 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपनी पुरानी ‘बीमारू’ छवि को पीछे छोड़कर विकास, सुरक्षा और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।










