Akhilesh Yadav: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार के बाद समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझने वालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी। अखिलेश यादव का यह तंज नितिन नबीन की एक रैली के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर भगवान हनुमान की वेशभूषा में एक व्यक्ति को शामिल किया गया था।
Akhilesh Yadav: बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत
सपा प्रमुख का यह बयान बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के बाद आया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगाते हुए भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को शिकस्त दी है।
1995 के बाद पहली बार इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को शिकस्त का सामना करना पड़ा है। किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों से हराया। किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि सिन्हा को 44,827 वोट मिले। वहीं, आरजेडी की रेखा गुप्ता 14,273 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर अखिलेश का वार, बोले- डबल इंजन सरकार की डबल हार
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इसे जनता के गुस्से और युवाओं के आक्रोश का परिणाम बताते हुए ‘डबल इंजन सरकार की डबल हार’ करार दिया। उन्होंने वोट चोरी, पेपर लीक (पेपर चोरी), नौकरी चोरी, आरक्षण में विसंगतियां, महंगाई, भ्रष्टाचार और Gen Z पीढ़ी के अपमान जैसे गंभीर मुद्दों को इस हार की वजह बताया।
यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, वोट चोरी, पेपर चोरी, चढ़ावा-चंदा-दान चोरी, नौकरी चोरी, आरक्षण चोरी, कमीशनख़ोरी, पीडीए पर अत्याचार, घोर भ्रष्टाचार, महंगाई की मार, मिलावट के सरकारीकरण, माताओं-बेटियों तक का अपमान, देश के जेन ज़ी पर हर तरह से प्रहार… भाजपा ने इन सभी तरीक़ों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है।”
प्रशांत किशोर की जीत पर अखिलेश का दावा- अब BJP की सुरक्षित सीटें भी नहीं बचेंगी
सपा (Akhilesh Yadav) प्रमुख ने संकेत दिया कि इस हार से भाजपा के भीतर कलह बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “अब भाजपा के लोग भी अपने ही किसी नेता के इस्तीफे की मांग करेंगे, क्योंकि अगर चुनाव उन्हीं लोगों पर निर्भर रहा जाए जो अपनी विधानसभा सीट हार गए, तो पार्टी कैसे आगे बढ़ सकती है? सच तो यह है कि यह हार उन्हीं लोगों की है, जिन्होंने उन्हें चुना या, यूं कहें कि, अपनी मनमर्जी से उन्हें संगठन पर थोपा। अब कोई यह दावा भी नहीं कर सकता कि भाजपा में इस्तीफे नहीं होते।” यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हालिया इस्तीफे का जिक्र करते हुए यह बात कही।
‘5 बड़े या 7?’ बांकीपुर नतीजों के बहाने BJP नेतृत्व पर अखिलेश का निशाना
सपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वे नेता जिन्हें राष्ट्रीय स्तर का पद देने से इनकार कर दिया गया और इसके बजाय राज्य स्तर का पद दिया गया क्योंकि वे पीडीए समुदाय से संबंधित थे, वे परिणामों से सबसे अधिक प्रसन्न होंगे।
उन्होंने कहा, “सबसे खुश तो उत्तर प्रदेश के वे लोग हैं, जिन्हें ‘पीडीए’ समुदाय से संबंध होने के कारण जानबूझकर राष्ट्रीय स्तर का पद नहीं दिया गया और उसकी जगह राज्य स्तर का पद दे दिया गया। आज तो वे मुस्कुरा रहे हैं और पूछ रहे हैं। ‘5 बड़े या 7?’ वैसे, जनता भी कह रही है कि अगर राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा सीट नहीं जीत सके, तो राज्य अध्यक्ष तो चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।”
यादव (Akhilesh Yadav) ने आगे लिखा कि भाजपा की हार बदलाव की शुरुआत है। उन्होंने कहा, “भाजपा की सबसे सुरक्षित और पारंपरिक सीटें भी अब उन्हें हार से नहीं बचा पाएंगी। भाजपा का संकट केवल हार तक सीमित नहीं रहेगा। यह इस हद तक होगा कि उन्हें ड्रोन और दूरबीन लेकर भी टिकट मांगने वाला नहीं मिलेगा।”
पहले ही चुनाव में प्रशांत किशोर का बड़ा उलटफेर, BJP का गढ़ ढहा
वहीं, चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर का यह पहला विधानसभा चुनाव था, जिसमें उन्होंने धमाकेदार जीत के साथ शुरुआत की है। बांकीपुर सीट को भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था। यहाँ से पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन लगातार 5 बार विधायक रहे थे। उनके राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर प्रशांत किशोर ने बड़ा उलटफेर कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा कुमारी इस त्रिकोणीय मुकाबले में काफी पीछे छूट गईं और तीसरे स्थान पर रहीं। (Akhilesh Yadav)











