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‘शिवसेना तोड़ना महाराष्ट्र को बांटना है’, बागियों पर बरसे संजय राउत; राम मंदिर ट्रस्ट और BJP पर भी साधा निशाना

Maharashtra Shiv Sena UBT Crisis

Maharashtra Shiv Sena UBT Crisis: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सोमवार को ओमराजे निंबालकर समेत अपनी पार्टी के बागी विधायकों पर निशाना साधते हुए उन्हें गद्दार करार दिया। उन्होंने कहा कि शिवसेना को तोड़ना ‘महाराष्ट्र को टुकड़ों में बांटने’ के बराबर है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने धराशिव सांसद ओमराजे निंबालकर पर कुख्यात गद्दार होने का आरोप लगाया और कहा कि यूबीटी सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे उस व्यक्ति से परिचित थे, जिसने कथित तौर पर निंबालकर को 15 करोड़ रुपये दिए थे।

Maharashtra Shiv Sena UBT Crisis: संजय राउत बोले- ओमराजे निंबालकर को बताया ‘कुख्यात गद्दार’

राउत ने कहा, ‘गद्दारों की कोई विचारधारा नहीं होती। ओमराजे (निंबालकर) एक कुख्यात गद्दार है। शिवसेना को तोड़ना महाराष्ट्र को टुकड़ों में बांटने के समान है। उद्धव ठाकरे जानते हैं कि ओमराजे को 15 करोड़ रुपये किसने दिए थे।’ बागी सांसद द्वारा किए गए विकास के दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘धराशिव में जो विकास दिखाई दे रहा है, वह पिछली सरकारों के कार्यकाल में हुआ था। केवल चीनी मिलें स्थापित करना विकास नहीं कहलाता। विकास सामूहिक प्रयासों से प्राप्त होता है। यदि कोई सांसद यह मानता है कि 100 करोड़ रुपये जेब में डालना विकास है, तो यह एक गलत सोच है।’

राम मंदिर में 500 करोड़ घोटाले का भी दावा

राउत ने राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ भी आरोप लगाए और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मंदिर की संपत्ति और दान का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इसके लिए मंदिर ट्रस्ट जिम्मेदार है। राम मंदिर का दानपेटी ही गायब हो गया है। चांदी और आभूषण भी गायब हो गए हैं। भाजपा सदस्यों ने दान और लगभग 500 करोड़ रुपये की संपत्ति का गबन किया है।’ (Maharashtra Shiv Sena UBT Crisis)

इस मामले की किसी भी जांच की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोगों के बारे में SIT किस तरह की रिपोर्ट पेश करेगी? ये सभी भ्रष्ट लोग हैं। मैं RSS सरसंघचालक मोहन भगवत जी से अपील करता हूं। आपने राम मंदिर के निर्माण में योगदान दिया, जैसा कि हम सभी ने किया। जिस तरह से राम मंदिर को लूटा जा रहा है, उसे लूटने वाला कोई गजनवी या अलाउद्दीन खिलजी नहीं है।’

‘यह सरकार राम के श्राप से गिरेगी’, BJP पर राउत का हमला

भाजपा की आलोचना जारी रखते हुए राउत ने आगे कहा, ‘आप अक्सर पूछते हैं कि मंदिरों को किसने लूटा। ये नए मुगल हैं। भाजपा मंदिरों को लूट रही है। मोदी जी बार-बार पूछते हैं कि सोमनाथ को किसने लूटा, गजनवी ने लूटा। तो राम मंदिर को किसने लूटा? भाजपा के अपने गजनवीयों ने इसे लूटा है।’ उन्होंने कहा, ‘मोदी जी ने इस मामले पर अभी तक एक शब्द भी नहीं कहा है। SIT क्या करेगी? वह एक रिपोर्ट सौंपेगी, और उस रिपोर्ट को दबा दिया जाएगा। इस सरकार को तो बहुत पहले ही गिर जाना चाहिए था। यह राम के आशीर्वाद से सत्ता में आई थी और राम के श्राप से गिरेगी।’ (Maharashtra Shiv Sena UBT Crisis)

शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद शिंदे गुट के साथ

शिवसेना (UBT) में एक बार फिर बड़ी टूट हो चुकी है, जहां पार्टी के 9 में से 6 लोकसभा सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली असली शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। इस बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने भावुक होकर कहा है कि यदि कार्यकर्ताओं को उन पर भरोसा नहीं है, तो वे शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष का पद छोड़ने के लिए भी तैयार हैं। शिवसेना (UBT) के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने पार्टी से दूरी बना ली है। (Maharashtra Shiv Sena UBT Crisis)

ये सभी बागी सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं। बागी सांसदों में उस्मानाबाद के ओमराजे निंबालकर और नागेश पाटिल आष्टीकर जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन अगर उनके अपने लोग उन पर उंगली उठाएंगे तो वे तुरंत पद छोड़ देंगे।

बागी सांसदों पर राउत का गंभीर आरोप, कहा- 15-15 करोड़ रुपये में हुआ खेल

पार्टी नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि बागी सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था। आदित्य ठाकरे ने इस टूट के लिए सीधे तौर पर BJP और केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। यह शिवसेना में पिछले कुछ सालों के भीतर दूसरा सबसे बड़ा बिखराव है।

साल 2022 में एकनाथ शिंदे की अगुवाई में 40 विधायकों ने बगावत की थी, जिससे उद्धव ठाकरे की महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिर गई थी। उस समय चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे के गुट को ही असली शिवसेना माना था और उन्हें ‘तीर-कमान’ का चुनाव चिह्न सौंप दिया था। 2022 में विधायकों को खोने के बाद, अब 2026 में उद्धव ठाकरे ने अपने ज्यादातर लोकसभा सांसदों को भी खो दिया है। (Maharashtra Shiv Sena UBT Crisis)


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