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Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: SIT जांच में ‘सिस्टम’ का सबसे बड़ा फेलियर; प्राइवेट कर्मचारियों के भरोसे थी करोड़ों की आस्था?

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam

खबर के पीछे का सच: सिर्फ चोरी नहीं, लापरवाही का पहाड़

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की खबर आपने जरूर सुनी होगी, लेकिन एसआईटी (SIT) की जांच में जो कड़वी सच्चाई सामने आई है, वह महज कुछ नोटों की चोरी से कहीं बड़ी है। यह मामला देश के सबसे वीवीआईपी और संवेदनशील धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था, ऑडिट और जवाबदेही में हुई एक अभूतपूर्व लापरवाही का है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और उनके द्वारा अर्पित किए गए गुप्त दान की सुरक्षा जिस लचर ढंग से की जा रही थी, उसने अब राजभवन से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक खलबली मचा दी है। Ayodhya Ram Mandir Donation Scam

SIT के 5 सबसे चौंकाने वाले खुलासे

जांच टीम ने जब नोटों की गिनती और उसकी सुरक्षा से जुड़े कड़ियों को खंगाला, तो सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खोखला ढांचा नजर आया:

  1. निजी एजेंसी के भरोसे गर्भगृह का खजाना: नियम और उम्मीद के मुताबिक, चढ़ावे के नोटों की गिनती बैंक के स्थायी और प्रमाणित कर्मचारियों द्वारा होनी चाहिए थी। लेकिन बड़ा खुलासा यह हुआ है कि यह काम एक निजी (Private) एजेंसी के कर्मचारियों से कराया जा रहा था।
  2. सिफारिश पर नियुक्तियां: जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस संवेदनशील काम में लगे कई निजी कर्मचारियों की भर्ती बिना किसी कड़े बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के, महज ‘सिफारिश’ के आधार पर की गई थी।
  3. नो चेकिंग, नो ड्रेस कोड: ड्यूटी पर आने और जाने वाले इन कर्मचारियों की कोई सख्त शारीरिक तलाशी (Frisking) नहीं ली जाती थी। प्रबंधन ने कहने को तो एक कड़ा ड्रेस कोड बनाया था, लेकिन जमीन पर उसका पालन शून्य था।
  4. CCTV की खामियां: सुरक्षा का दावा करने वाले सीसीटीवी कैमरे तो लगे थे, लेकिन उनकी लाइव मॉनिटरिंग और कंट्रोल रूम की निगरानी व्यवस्था में गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक खामियां पाई गईं।
  5. अयोध्या छोड़ने पर पाबंदी: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने जांच के दायरे में आए सभी संदिग्धों और कर्मचारियों को बिना पूर्व सूचना के अयोध्या की सीमा छोड़ने से सख्त मना कर दिया है। Ayodhya Ram Mandir Donation Scam

मामला पहुंचा हाईकोर्ट: CBI जांच और CAG ऑडिट की मांग

यह विवाद अब सिर्फ पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहने वाला है। राम मंदिर के चढ़ावे में इतनी बड़ी प्रशासनिक चूक को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर दी गई है। इस याचिका में दो बेहद महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं:

  • इस पूरे सिंडिकेट और लापरवाही की निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए।
  • मंदिर ट्रस्ट को अब तक मिले कुल चढ़ावे और उसके रख-रखाव का एक व्यापक कैग (CAG) ऑडिट होना चाहिए, ताकि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। Ayodhya Ram Mandir Donation Scam

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