Delhi Riots conspiracy case: दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े UAPA मामले में आरोपी उमर खालिद की नियमित और अंतरिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त 2026 तय की है, जहां सह-आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका के साथ ही उमर खालिद की अर्जी पर भी संयुक्त रूप से सुनवाई की जाएगी। यह निर्णय जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीजन बेंच ने लिया है।
निचली अदालत के फैसले को चुनौती
उमर खालिद ने कड़कड़डूमा कोर्ट के 4 जुलाई 2026 के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी नियमित जमानत याचिका को “समयपूर्व” बताते हुए खारिज कर दिया गया था। जेल में बंद उमर खालिद की गिरफ्तारी (सितंबर 2020) के बाद यह तीसरी जमानत याचिका है। हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस. वी. राजू ने अदालत को बताया कि ट्रायल कोर्ट ने एक ही आदेश के तहत उमर खालिद और शरजील इमाम दोनों की याचिकाएं खारिज की थीं, इसलिए इन पर एक साथ सुनवाई की जा सकती है। (Delhi Riots conspiracy case)
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज FIR नंबर 59/2020 से संबंधित है। इसमें नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और एनआरसी (NRC) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों की बड़ी साजिश रचने का आरोप है। आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है। (Delhi Riots conspiracy case)











