हाईकोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका, जबरन खाना खिलाने की मांग
Sonam Wangchuk Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर कल तक जवाब देने का आदेश दिया है। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता और वकील राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर इस जनहित याचिका (PIL) में मांग की गई है कि वांगचुक की गिरती सेहत को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाए और उनकी जान बचाने के लिए जरूरत पड़ने पर जबरन भोजन (फोर्स-फीडिंग) दिया जाए।
18वें दिन भी अनशन पर अडिग, 8.5 किलो गिरा वजन
Sonam Wangchuk Protest: सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर चल रहा यह अनशन अब 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है। वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक के समर्थन में इस आमरण अनशन पर बैठे हैं। इतने दिनों से भूखे रहने के कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है, जिससे उनके समर्थकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वांगचुक का वजन अब तक 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है, उनके शरीर में भारी कमजोरी आ गई है और मांसपेशियों में तेज दर्द है। डॉक्टरों ने उनका ब्लड प्रेशर 109/70 दर्ज किया है। देश भर से हजारों समर्थक उनसे अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह अडिग हैं।
NEET पेपर लीक विवाद और 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान
इस पूरे आंदोलन की शुरुआत मई में हुई नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक विवाद के बाद हुई थी, जिससे देश के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने में पूरी तरह नाकाम रही है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस बीच, आंदोलन को और तेज करने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बड़ा ऐलान किया है। संगठन ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद भवन तक एक बड़े शांतिपूर्ण मार्च की घोषणा की है। इसके लिए देश भर के छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से दिल्ली पहुंचने की अपील की गई है।





