Ram Mandir Donation Case: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने साफ कर दिया है कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे और चंपत राय का इस्तीफा उनकी लापरवाही के कारण हुआ है। उन्होंने यह भी साफ किया कि पूर्व महासचिव चंपत राय ने किसी बाहरी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है।
राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट में चल रही हलचल के बीच स्वामी गोविंद देव गिरी ने मीडिया में चल रही उनके इस्तीफे की खबरों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। उन्होंने साफ कहा कि उनके पद छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता। (Ram Mandir Donation Case)
Ram Mandir Donation Case: ‘3 करोड़ तक की हो सकती है चोरी’, ट्रस्ट कोषाध्यक्ष ने जांच पर दिया बड़ा अपडेट
उन्होंने कहा कि चंपत राय ने जो इस्तीफा दिया है, वह उनकी लापरवाही के कारण हुआ है। हालांकि, उन्होंने बाद में यह भी जोड़ा कि चंपत राय एक वयोवृद्ध देशभक्त हैं और वे मंदिर की नई व्यवस्था का पूरा समर्थन कर रहे हैं। उनके अंदाज़े के मुताबिक, मंदिर में हुई चोरी की रकम करीब 3 करोड़ रुपये हो सकती है। वर्तमान में अकाउंट्स वेरिफिकेशन और जांच का काम चल रहा है।
कोषाध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि पैसों की इस चोरी का कोई भी राजनीतिक कनेक्शन नहीं है। इसे लेकर सोशल मीडिया या राजनीतिक गलियारों में की जा रही बातें सिर्फ अफवाहें और गॉसिप हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा था कि पहले सारा कामकाज चंपत राय ही देख रहे थे और उनके पास चेक बुक या हस्ताक्षर के सीधे अधिकार नहीं थे, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम से उनका सीधा वास्ता नहीं है। (Ram Mandir Donation Case)
एसआईटी और कोर्ट की जांच जारी, ट्रस्ट ने नए सिस्टम के साथ संभाली कमान
राम मंदिर चंदा चोरी मामले के सामने आने के बाद महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जा चुके हैं। ट्रस्ट की ओर से जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए नए सिस्टम के तहत कृष्ण मोहन को नया कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया है। मामले की पूरी जांच एसआईटी और कोर्ट के पास है, जो यह तय करेगी कि इस मामले में असल दोषी कौन है। (Ram Mandir Donation Case)











