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US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के बर्थराइट सिटिजनशिप आदेश पर लगाई रोक, अमेरिका में जन्मे लगभग सभी बच्चों को मिलेगी नागरिकता

US Supreme Court On Birthright Citizenship

US Supreme Court On Birthright Citizenship: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने वाले उनके कार्यकारी आदेश को 6-3 के बहुमत से खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चों को पहले की तरह स्वतः ही अमेरिकी नागरिकता का अधिकार मिलता रहेगा, चाहे उनके माता-पिता की इमिग्रेशन स्थिति कुछ भी हो।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन (20 जनवरी 2025) एक आदेश जारी किया था। इसके तहत अवैध प्रवासियों या अस्थायी वीजा (जैसे H-1B) पर रह रहे विदेशी नागरिकों के बच्चों को जन्म के आधार पर स्वतः मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता को रोकने का प्रावधान था।

US Supreme Court On Birthright Citizenship: जन्मसिद्ध नागरिकता खत्म करने की कोशिश नाकाम

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला पढ़ते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन देश की धरती पर जन्म लेने वाले सभी बच्चों को नागरिकता की गारंटी देता है। अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाला हर बच्चा (राजनयिकों के बच्चों जैसे कुछ अपवादों को छोड़कर) कानूनन अमेरिकी नागरिक है।

वोंग किम आर्क मिसाल का हवाला, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के आदेश को असंवैधानिक माना

ट्रंप प्रशासन की दलील थी कि अवैध प्रवासियों या अस्थायी वीजा पर आए लोगों के बच्चे अमेरिका के पूर्ण “अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction)” के अधीन नहीं आते, इसलिए वे नागरिकता के हकदार नहीं हैं। कोर्ट ने इस तर्क को पूरी तरह नकार दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 1898 के ऐतिहासिक ‘वोंग किम आर्क’ मामले का उदाहरण दिया, जिसमें चीनी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चे को अमेरिकी नागरिक माना गया था। (US Supreme Court On Birthright Citizenship)

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल को तीसरा बड़ा झटका

डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन इस विवादित कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस आदेश के तहत संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया था कि यदि अमेरिका में जन्मे बच्चे के माता-पिता में से कोई भी अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड होल्डर) नहीं है, तो उस बच्चे को जन्मजात नागरिकता न दी जाए।

यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के नीतिगत एजेंडों पर तीसरी बड़ी अदलाती हार है। फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा लगाए गए ‘ग्लोबल टैरिफ’ को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया था। जून 2026 में ही कोर्ट ने फेडरल रिजर्व गवर्नर लिसा कुक को उनके पद से तुरंत हटाने के ट्रंप के प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी। अब कोर्ट ने उनके सबसे बड़े चुनावी वादों में से एक—बर्थराइट सिटिजनशिप को खत्म करने की कोशिश—पर भी पानी फेर दिया है। (US Supreme Court On Birthright Citizenship)

भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए राहत

ट्रंप के इस आदेश से अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीय प्रभावित हो सकते थे। यदि यह नियम लागू होता, तो ग्रीन कार्ड या H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीयों के अमेरिका में पैदा होने वाले बच्चों को जन्म से स्वतः नागरिकता नहीं मिलती। कोर्ट के इस फैसले से भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। (US Supreme Court On Birthright Citizenship)


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