Sonam Wangchuk Jantar Mantar Protest: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर से सामाजिक व जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने की कड़ी निंदा की है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर मोदी सरकार के इस कदम को पूरी तरह गलत ठहराया।
राहुल गांधी ने कहा कि सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठे थे, ऐसे में उन्हें वहां से हटाना बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने केंद्र पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि “मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं”।
Sonam Wangchuk Jantar Mantar Protest: राहुल बोले- छात्रों की आवाज़ नहीं दबा सकती सरकार
कांग्रेस नेता ने कहा कि पेपर लीक, पढ़ाई का लगातार बढ़ता खर्च और छात्रों की आत्महत्याएं इस समय देश के भविष्य के लिए सबसे गंभीर मुद्दे हैं। केंद्र सरकार युवाओं और छात्रों से जुड़े इन संवेदनशील मुद्दों को उठाने वाली आवाजों को ताकत के बल पर दबाना चाहती है। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उनके अधिकारों के लिए खड़े होने वाले लोगों को अपनी आवाज़ बुलंद करने से नहीं रोक सकती।
शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग
वहीं, राहुल गांधी की ये टिप्पणियां देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ रैली को संबोधित करने के एक दिन बाद आईं, जहां उन्होंने भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को शैक्षणिक संस्थानों पर नियंत्रण नहीं रखना चाहिए और बार-बार होने वाले प्रश्नपत्र लीक की समस्या से निपटने के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति का आह्वान किया था। (Sonam Wangchuk Jantar Mantar Protest)
रैली में गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा की प्रश्नपत्र लीक होने से लगभग 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं, और दावा किया कि यह समस्या कोचिंग सेंटर, परीक्षा केंद्र, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले, परिवहनकर्ता, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय सहित कई हितधारकों से जुड़े एक भ्रष्ट प्रणाली से उत्पन्न हुई है। उन्होंने देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की भी वकालत की, और मौजूदा मॉडल को पुराना और छात्रों के बजाय परीक्षा पर अत्यधिक केंद्रित बताया।
इससे पहले शनिवार को गांधी ने देहरादून रैली का एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने रिया कुमारी के पिता राजेश कुमार के साथ अपनी बातचीत को याद किया, जिन्होंने मई में पेपर लीक के आरोपों के बीच NEET-UG परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। (Sonam Wangchuk Jantar Mantar Protest)
इसे एक परिवार से परे की त्रासदी बताते हुए गांधी ने कहा कि ऐसी असफलताओं में मारे गए प्रत्येक छात्र के माता-पिता की आशाएँ और बलिदान चकनाचूर हो जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा प्रणाली को “शुरू से” पुनर्निर्मित किया जाना चाहिए ताकि ऐसा वातावरण बनाया जा सके, जहाँ बच्चे तनावग्रस्त होने के बजाय सुरक्षित महसूस करें और जहाँ माता-पिता अपने बलिदानों का फल देखें, न कि दुख में समाप्त हों।
वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर गरमाई राजनीति
सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं (जैसे NEET-UG पेपर लीक) के विरोध में 28 जून से अनशन पर बैठे थे। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर करीब 20-21 दिनों से जारी भूख हड़ताल के कारण वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही थी। (Sonam Wangchuk Jantar Mantar Protest)
दिल्ली पुलिस ने मेडिकल सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए शनिवार को उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी की, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कदम पूरी तरह उनके गिरते स्वास्थ्य की देखभाल के लिए उठाया गया है।











