Rahul Gandhi attacks Pralhad Joshi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय मिलने पर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने यह मंत्रालय “बलात्कारियों का बचाव करने वाले व्यक्ति” को दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा मंत्रालय का प्रभार देने के लिए अपने मंत्रिमंडल में से किसी भी नेता को चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने प्रल्हाद जोशी को चुना।
Rahul Gandhi attacks Pralhad Joshi: राहुल गांधी के निशाने पर नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी
जोशी पर ये आरोप कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की
रोकथाम) संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान अपने भाषण में लगाए थे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन
रिजिजू और प्रल्हाद जोशी ने इन आरोपों का कड़ा विरोध किया और माफी की मांग की। उन्होंने जोशी
के बयान को रिकॉर्ड से हटाने की भी मांग की।
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में जोशी पर हमला किया और कहा, “भारत के शिक्षा मंत्री – भाजपा ने एक ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया है जो बलात्कारियों का रक्षक है। यह सबसे घिनौना व्यक्ति है। बलात्कारियों को संरक्षण की ज़रूरत बताने वाले व्यक्ति से ज़्यादा घिनौना कोई नहीं हो सकता। आज भारत के शिक्षा मंत्री ऐसे ही हैं। प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया अजीब है कि उनके मंत्रिमंडल में इतने सारे लोग हैं, वे किसी को भी चुन सकते थे। लेकिन उन्होंने बलात्कारियों को संरक्षण देने वाले व्यक्ति को चुना। वाकई चौंकाने वाली बात है।” (Rahul Gandhi attacks Pralhad Joshi)
बिलकिस बानो मामले की कथित टिप्पणी पर प्रल्हाद जोशी को राहुल ने घेरा
राहुल गांधी ने जोशी पर 2002 के बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 11 लोगों की 2022 में समय से पहले रिहाई पर कथित टिप्पणियों को लेकर हमला किया। जनवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें 2002 के गोधरा दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार करने और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या करने वाले 11 दोषियों को सजा में छूट दी गई थी।
प्रियंका गांधी की टिप्पणी से लोकसभा में हंगामा
प्रियंका गांधी की प्रल्हाद जोशी के खिलाफ टिप्पणी ने लोकसभा में हंगामा खड़ा कर दिया। भाजपा सदस्यों द्वारा उनकी टिप्पणियों की प्रामाणिकता की मांग करने पर, प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके पास मंत्री की टिप्पणियों वाला एक लेख है। रिजिजू ने कहा कि प्रियंका गांधी की टिप्पणियां संसद के भीतर चरित्र हनन के समान हैं। उन्होंने कहा, “हम इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं करते… इन बयानों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाना चाहिए। दूसरे, इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए… उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए।” (Rahul Gandhi attacks Pralhad Joshi)
भाजपा बोली- आरोप साबित करें या माफी मांगें
वहीं, जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी को संसद से निष्कासित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, “प्रियंका जी को अपने बयानों की प्रामाणिकता साबित करनी चाहिए थी। फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। क्या कोई यूं ही कुछ भी कह कर बच सकता है?… मैं इन आरोपों का खंडन करता हूं। उन्हें निष्कासित किया जाना चाहिए और उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”
पेपर लीक कानून पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री को लेकर संसद में गरमाई सियासत
बता दें, नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और देशव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।अपने भाषण में प्रियंका गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले सभी क्षेत्रों को लगातार कमजोर किया है। उन्होंने कहा, “परीक्षा प्रणाली ही विफल हो गई है। पिछले एक दशक में 152 पेपर लीक हुए हैं। करोड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं, फिर भी एक भी दोषी, पेपर लीक माफिया का एक भी सदस्य दंडित नहीं हुआ है।” (Rahul Gandhi attacks Pralhad Joshi)
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, “आरएसएस प्रचारकों से भरकर उन्होंने हमारी शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर दिया है। एनटीए की जबरन स्थापना और व्यवस्था का केंद्रीकरण करके उन्होंने मामले को और भी जटिल बना दिया है। देश के कुल बजट में शिक्षा बजट का हिस्सा साल दर साल बढ़ने के बजाय वास्तव में घट रहा है।”
लोकसभा में पेश किया गया विधेयक
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आज सुबह लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 (Public Examinations Amendment Bill, 2026) को विचार और पारित करने के लिए पेश किया। यह विधेयक 2024 के मूल अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधन करने के लिए लाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अन्य धांधलियों पर लगाम लगाना है। (Rahul Gandhi attacks Pralhad Joshi)
विधेयक की मुख्य बातें और बदलाव
- सजा में भारी बढ़ोतरी: अनुचित साधनों का सहारा लेने वालों के लिए जेल की न्यूनतम सजा को 3 साल से बढ़ाकर कम से कम 5 वर्ष (जो 10 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है) करने का प्रावधान है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट: मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा।
- विशेष अभियोजक: मुकदमों को प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति होगी।
- समयबद्ध निपटारा: परीक्षा से जुड़ी अपीलों और जांच को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
इस विधेयक के माध्यम से सरकार देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और परीक्षा प्रणालियों की पारदर्शिता व विश्वसनीयता को और अधिक मजबूत करने का प्रयास कर रही है। (Rahul Gandhi attacks Pralhad Joshi)











