kolkata Doctor Murder Case: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल एवं कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में आरोपी संजय रॉय की वकील कबीता सरकार का बयान सामने आया है। वकील ने दावा किया है कि मुवक्किल बेगुनाह है। वह मुवक्किल का पॉलीग्राफ परीक्षण कराने के लिए भी तैयार है। इस टेस्ट के बाद सच सामने आ जाएगा।
बता दें कि कबीता सरकार को सियालदह अदालत ने संजय रॉय का बचाव करने के लिए नियुक्त किया है, क्योंकि कोई अन्य वकील यह मामला लेने के लिए तैयार नहीं था। कबीता सरकार ने कहा, उनका मुवक्किल अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के कारण काफी मानसिक दबाव में हैं।
संजय की पॉलीग्राफ टेस्ट
सरकार ने बताया, “जब संजय की पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सहमति ली गई थी, तब मैं वहां मौजूद थी। उसने अपनी सहमति स्वेच्छा से दी थी। मैंने व्यक्तिगत रूप से उसे यह समझाने में समय लगाया कि टेस्ट में क्या-क्या होता है। वह इसलिए सहमत हुआ क्योंकि उसके अनुसार, आरोपों के कारण वह बहुत मानसिक दबाव में है, लेकिन उसे विश्वास है कि टेस्ट से अंततः सच्चाई सामने आ जाएगी।”
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संजय रॉय वर्तमान में 9 अगस्त को सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक सेमिनार हॉल में 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में है।
रॉय उस अपराध में शामिल नहीं- कबिता सरकार
हालांकि, कबिता सरकार ने कहा कि रॉय उस अपराध में शामिल नहीं हैं, जिसके लिए उनसे पूछताछ की जा रही है। सरकार ने रॉय की चल रही जांच में पूरा सहयोग करने की इच्छा पर भी जोर दिया।
कबिता सरकार की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब इस सनसनीखेज मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने संजय रॉय पर पॉलीग्राफ परीक्षण कराने की अनुमति मांगी है।
नियमों के अनुसार आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए, जो उससे पूछेगा कि क्या वह पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सहमत है। कोलकाता की एक अदालत ने रॉय की सहमति के बाद सीबीआई को पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति दे दी।
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कबीता सरकार का वकीलों ने किया विरोध
इस बीच, वकीलों के एक समूह ने संजय रॉय का प्रतिनिधित्व करने के लिए साथी वकील कबिता सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध व्यक्त किया है, जबकि कानूनी समुदाय कबिता सरकार के अपने मुवक्किल की रक्षा करने के अधिकार को स्वीकार किया है।



